पिछले पांच दिनों के दौरान हुई व्यापक वर्षा से प्रदेश में मानसून सामान्य श्रेणी में पहुंच गया है। इस व्यापक बारिश के परिणामस्वरूप प्रादेशिक वर्षा विचलन में 10 फीसदी का सुधार दर्ज किया गया है। यह विचलन -29 फीसदी से घटकर अब -19 फीसदी रह गया है।
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि इस सुधार के साथ ही मानसून सीजन के लिए कुल प्रादेशिक वर्षा सामान्य श्रेणी (-19 से +19 फीसदी) में आ गई है। दक्षिणी पश्चिमी उत्तर प्रदेश पर मध्य क्षोभमंडल तक विस्तृत चक्रवाती परिसंचरण का प्रभाव देखा गया। इसके कारण एक निम्न दबाव क्षेत्र बना। मानसूनी द्रोणी अपनी सामान्य स्थिति के निकट स्थानांतरित हो गई है। यह श्रीगंगानगर, दिल्ली, निम्न दबाव क्षेत्र के केंद्र, रांची और दीघा होते हुए पूर्व मध्य बंगाल की खाड़ी तक फैली है। आज पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारी वर्षा हो रही है।
आगामी दिनों का पूर्वानुमान
अगले 24 घंटों के दौरान तटीय गांगेय पश्चिम बंगाल और उससे सटे उत्तरी पश्चिमी बंगाल की खाड़ी पर एक और निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना है। यह ऊपरी क्षोभ मंडल तक विस्तृत चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से बनेगा। यह निम्न दबाव क्षेत्र मानसूनी द्रोणी की अक्ष रेखा के साथ पश्चिम-उत्तर-पश्चिमी दिशा में आगे बढ़ेगा। इसके प्रभाव से आगामी चार दिनों तक प्रदेश के दक्षिणी भाग में मजबूत मानसूनी प्रवाह रहेगा। इस दौरान कहीं-कहीं भारी वर्षा होने की संभावना है।