प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, भदोही, महोबा व आस पास के क्षेत्र।
फतेहपुर, प्रतापगढ़, वाराणसी, जौनपुर, हमीरपुर, ललितपुर , गाजीपुर, आजमगढ़, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, औरैया, जालौन, झांसी व आस पास के क्षेत्र ।
राहत आयुक्त हृषिकेश भास्कर यशोद ने मंगलवार को प्रदेश के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने जिलाधिकारियों को प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और भोजन, चिकित्सा व आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के निर्देशों के तहत बाढ़ से संबंधित कार्यों की निरंतर निगरानी की जा रही है।
प्रदेश के 13 जनपदों के 173 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। अब तक 84362 लोग और 13058 हेक्टेयर क्षेत्रफल बाढ़ प्रभावित हुआ है। कुल 1589 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं और 1263 बाढ़ शरणालय बनाए गए हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से अब तक 4845 व्यक्तियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
प्रभावित लोगों के बीच 15238 राहत खाद्यान्न पैकेट और 30316 लंच पैकेट वितरित किए गए हैं। बाढ़ से 6067 पशु प्रभावित हुए हैं, जिनका उपचार और टीकाकरण किया गया है। पेयजल स्वच्छता के लिए 43612 क्लोरीन टैबलेट और 23476 ओआरएस पैकेट बांटे गए हैं। बाढ़ प्रभावित जनपदों में 724 मेडिकल टीमें और 534 एम्बुलेंस उपलब्ध हैं।