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कानून-व्यवस्था सुधारने को सरकार ने लिया 'बड़ा फैसला'

Fri, 22 Aug 2014 01:29 AM IST
विष्णु मोहन/अमर उजाला, लखनऊ
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कानून-व्यवस्था व अपराध के मोर्चे पर फिसड्डी पाए गए सूबे के दस जिलों के अधिकारियों को अब इसका स्पष्टीकरण देना होगा। समीक्षा के दौरान सबसे पीछे पाए गए जिलों में तैनात पुलिस अफसरों से अब डीजीपी एएल बनर्जी स्पष्टीकरण मांगेंगे।
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माना जा रहा है कि इस कवायद के बाद कई अफसरों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। देवरिया, अंबेडकरनगर, इटावा, हाथरस, कासगंज, मुरादाबाद, हापुड़, शामली, सहारनपुर और रामपुर वे जिले हैं जिनका रिपोर्ट कार्ड खराब पाया गया है।

बुधवार को समीक्षा बैठक में यह पाया गया कि कानून-व्यवस्था और अपराध के विभिन्न मुद्दों पर इन जिलों में पुलिस ने जो कार्रवाई की वह न सिर्फ अपूर्ण रही बल्कि तय टार्गेट से भी बहुत पीछे रही।
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अभी तक नहीं हुई कार्रवाई

बैठक में इन जिलों का जिक्र करते हुए वहां तैनात अफसरों को न सिर्फ बेहतर काम व नतीजे देने की चेतावनी दी गई थी, बल्कि अन्य जिलों के अधिकारियों को इससे सबक लेने को भी कहा गया था।

बार-बार कानून-व्यवस्था प्रभावित होने के लिए मेरठ जोन के अफसरों को भी आड़े हाथ लिया गया था। इन दस जिलों की पुलिसिंग पर उठे सवाल का जवाब देने के दौरान गृह सचिव कमल सक्सेना ने कहा कि जिलों में पुलिसिंग को लेकर कुछ मानक तय किए गए थे।

उनमें अपेक्षित परिणाम हासिल न कर पाने वाले जिलों का जिक्र हुआ था। हालांकि, उन्होंने इन दसों जिलों के अधिकारियों के खिलाफ अभी किसी तरह की कार्रवाई होने की जानकारी नहीं दी। अधिकारियों ने बताया कि शासन की अपेक्षा के अनुसार नतीजे हासिल न होने को गंभीरता से लिया जा रहा है।
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इन बिंदुओं पर किया गया आकलन

बताया गया कि अब डीजीपी एएल बनर्जी इन जिलों के पुलिस अफसरों से स्पष्टकीरण मांगेंगे। अधिकारियों को बताना होगा कि बार-बार निर्देश देने के बाद भी अपेक्षित कार्रवाई क्यों नहीं की जा सकी और इसके लिए उन्होंने अपने जिलों में क्या कार्रवाई की?

हालांकि, पिछले दिनों इनमें से कुछ जिलों में कप्तान, अपर पुलिस अधीक्षक व पुलिस उपाधीक्षक स्तर के कुछ अधिकारियों का तबादला हो चुका है लेकिन जो जिम्मेदार होंगे, उन्हें जवाब देना होगा। इसी के आधार पर उनके खिलाफ कार्रवाई होनी है।

इन बिंदुओं पर हुआ पुलिसिंग का आकलन
- वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी
- एक साल से अधिक लंबित विवेचनाओं का निस्तारण
- महिलाओं के साथ होने वाले अपराधों में की गई कार्रवाई
- अन्य अपराधों के संबंध में की जाने वाली कार्रवाई
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