यूपी सरकार इस बार 394 महिलाओं को रानी लक्ष्मीबाई वीरता पुरस्कार से सम्मानित करेगी। लोकभवन में सोमवार को आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव इन महिलाओं को एक-एक लाख रुपये व प्रमाण पत्र देंगे।
इनमें 306 महिला ग्राम प्रधानों के अलावा विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट योगदान देने वाली 88 महिलाएं शामिल हैं। पुरस्कारों की सूची में डॉ. राम मनोहर लोहिया संयुक्त चिकित्सालय की चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सरिता सक्सेना व लखनऊ विवि की चीफ प्रॉक्टर डॉ. निशि पांडेय शामिल हैं।
विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री इस बार दिल खोलकर पुरस्कार बांटने जा रहे हैं। सरकार ने 100 महिला ग्राम प्रधानों के चयन के लिए आई 306 नामों की सूची में सभी को पुरस्कार बांटने का निर्णय लिया है। इसके अलावा 88 अन्य महिलाओं को भी सम्मानित किया जाएगा।
इनमें वीरांगना झलकारी बाई महिला चिकित्सालय लखनऊ की डॉ. दीपा शर्मा व जिला महिला चिकित्सालय मेरठ की डॉ. ईश्वर देवी बत्रा को भी यह सम्मान मिलेगा।
इन्हें मिलेगा सम्मान
इसके अलावा लखनऊ की बाल विकास परियोजना अधिकारी कामिनी श्रीवास्तव, लखनऊ की समाजसेविका रूना बनर्जी व आरती साहू, मेरठ की खिलाड़ी सानिया शेख, साहसिक कार्य करने वाली मुस्कान गुप्ता व जाह्नवी सेठ, पर्वतारोही प्रिया कुमारी के साथ ही रायबरेली की सौम्या पटेल व बाराबंकी की साक्षी वर्मा समेत कई अन्य मेधावी छात्राओं को भी इस पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
‘साझी दुनिया’ को भी मिलेगा वीरता पुरस्कार
प्रदेश सरकार लैंगिक उत्पीड़न के 1600 केसों का निस्तारण करने वाली संस्था साझी दुनिया को भी रानी लक्ष्मी बाई वीरता पुरस्कार से सम्मानित करेगी। इसके अलावा अर्जुन अवार्डी रचना गोविल व कॉमनवेल्थ रेस्लिंग चैंपियन दिव्यांशी त्यागी, लखनऊ के वजीरगंज थाने में तैनात महिला कांस्टेबिल शशि प्रभा पांडेय को भी सरकार वीरता पुरस्कार देगी।
रेड लाइट एरिया से लड़कियों को छुड़ाने वाली नसीमा खां भी होंगी सम्मानित
रेड लाइट एरिया से लड़कियों को छुड़ाने वाली इलाहाबाद की नसीमा खां को भी प्रदेश सरकार रानी लक्ष्मी बाई वीरता सम्मान देगी। इसके साथ ही हाथरस की दिव्यांग तबस्सुम को भी सरकार सम्मानित करेगी।