प्रदेश के बिजलीघरों में पहुंचने वाले कोयले की गुणवत्ता पर तीसरी आंख ‘निगाह’ रखेगी। पिछले दिनों कुछ बिजलीघरों में घटिया कोयले की आपूर्ति को लेकर राज्य सरकार की आपत्ति के बाद केंद्र ने कोयले की गुणवत्ता की जांच के लिए ‘थर्ड वैल्यूअर’ नियुक्त करने की मांग मान ली है।
विद्युत उत्पादन निगम के सूत्रों का कहना है कि कुछ महीने पहले नॉर्दर्न कोलफील्ड लिमिटेड से सूबे के बिजलीघरों में जो कोयला आ रहा था, उसमें बोल्डर्स (पत्थर के बड़े टुकड़े) के साथ-साथ राख की मात्रा भी काफी ज्यादा थी।
ऐसे में इन इकाइयों से पूरी क्षमता से बिजली का उत्पादन नहीं हो पा रहा था। अधिकारियों का कहना है कि घटिया कोयले का मामला काफी हद तक निपट गया है लेकिन ओबरा, हरदुआगंज, पनकी और पारीछा में लिंकेज से कम कोयले की आपूर्ति अब भी परेशानी का सबब बनी हुई है।
पर्याप्त कोयले की सप्लाई न होने से परियोजनाओं में कोल स्टॉक तैयार कराने में मुश्किल आ रही है। राज्य विद्युत उत्पादन निगम के निदेशक (तकनीकी) मुरलीधर भागचंदानी के मुताबिक इसके लिए कोल इंडिया से लगातार लिखा-पढ़ी की जा रही है।