सरकार अब नई परियोजनाओं की मंजूरी के साथ ही उनके लिए जरूरी स्टाफ व संसाधन की व्यवस्था भी करेगी। इससे जनता को परियोजनाओं का लाभ तत्काल मिलने लगेगा।
जिन परियोजनाओं के 75 प्रतिशत काम हो गए हैं, सरकार ने उसे तेजी से पूरा कराने का फैसला किया है। मुख्य सचिव आलोक रंजन ने मंगलवार को वित्त एवं नियोजन विभाग की समीक्षा की।
बैठक में यह बात सामने आई कि अक्सर परियोजनाओं के निर्माण कार्य पूरे हो जाते हैं लेकिन तब तक वहां के लिए पदों के सृजन व आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने से जुड़ी कार्रवाई पूरी नहीं हो पाती। इससे लोगों को उस परियोजना का फायदा समय से नहीं मिल पाता।
लेटलतीफी पर होगी कार्रवाई
मुख्य सचिव ने भविष्य में परियोजनाओं की मंजूरी के समय ही स्टाफ के लिए पद सृजन व उपकरणों की व्यवस्था कराने का निर्देश दिया। साथ ही हिदायत दी कि परियोजना पूरी होने तक सृजित पदों पर चयन भी कर लिया जाए।
मुख्य सचिव ने उन परियोजनाओं की खास तौर से समीक्षा की जिनके 75 फीसदी काम पूरे हो गए हैं। उन्होंने निर्देशित किया कि ऐसी परियोजनाओं के लिए आवश्यक बजट तत्काल जारी कर बाकी काम जल्द से जल्द पूरा कराया जाए।
अवस्थापना सुविधाओं के कार्य पूरे होने पर फील्ड में नजर आने चाहिए। उन्होंने परियोजनाओं की लेटलतीफी के लिए जिम्मेदार कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए निर्देशित किया। बैठक में प्रमुख सचिव नियोजन देवेश चतुर्वेदी और प्रमुख सचिव वित्त राहुल भटनागर आदि उपस्थित थे।
2015-16 के बजट की तैयारी शुरू करें
मुख्य सचिव ने बॉर्डर एरिया डवलपमेंट प्रोग्राम में चयनित पीलीभीत, लखीमपुर-खीरी, बहराइच, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, श्रावस्ती तथा महाराजगंज जिले के 21 ब्लाकों में सड़क पुलिया, सीसीरोड, पेयजल आदि के काम तेजी से पूरा कराने का निर्देश दिया। उन्होंने बुंदेलखंड पैकेज-2 की परियोजनाओं को जल्द स्वीकृत कराते हुए काम कराने का निर्देश भी दिया।
बजट की तैयारी शुरू करें
मुख्य सचिव ने वित्त वर्ष 2015-16 के बजट की तैयारी अभी से शुरू करने का निर्देश दिया। उन्होंने दिसंबर तक जिला योजना समितियों की बैठकें करके जनवरी 2015 तक हर हाल में बजट की रूपरेखा तैयार करने को कहा है। इससे जिलों को बजट की रकम समय से जारी हो सकेगी।