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यूपी: 10.48 लाख श्रमिकों के खाते में मुख्यमंत्री ने भेजे 1000-1000 रुपये, बोले- आर्थिक सुरक्षा की गारंटी देगी सरकार

Sat, 13 Jun 2020 08:48 PM IST
प्राची प्रियम अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : ani
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को 10 लाख 48 हजार 166 श्रमिक परिवारों के खातों में डायरेक्ट बैंक ट्रांस्फर (डीबीटी) के जरिए 104 करोड़ 82 लाख रुपये ऑनलाइन हस्तांतरित किए। इसमें प्रति परिवार 1000 रुपये की सहायता उपलब्ध कराई गई है। 

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योगी ने कहा कि श्रमिकों व कामगारों के हितों के लिए प्रदेश सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। उन्हें सामाजिक, आर्थिक सुरक्षा की गारंटी भी सरकार देगी। श्रमिकों की कुशलता का उपयोग प्रदेश के नव-निर्माण में किया जाएगा।   

मुख्यमंत्री ने अपने सरकारी आवास पर आयोजित कार्यक्रम में कहा कि श्रमिकों ने अपने श्रम से देश व राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इन्हें रोजगार देने के संबंध में एक आयोग का गठन किया जा रहा है। इनकी स्किल मैपिंग की जा रही है। 
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उन्होंने जिला प्रशासन के अधिकारियों को स्किल मैपिंग होने के बाद कामगारों के बैंक खातों की सूची शासन को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में पूरी दुनिया वैश्विक महामारी से जूझ रही है। संकट के समय में सभी का एकजुट होना बेहद जरूरी है। 

जब हम एक टीम वर्क के रूप में काम करते हैं और पूरा सिस्टम उसके साथ जुड़ता है, तो उसके परिणाम भी सकारात्मक आते हैं। आपदा के दौरान प्रदेश ने उत्कृष्ट स्तर का कार्य किया, जो देश के लिए एक उदाहरण बना है। 

उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में इससे जुड़ी सुनवाई चल रही है। यूपी के सामने सबसे बड़ी चुनौती थी, लेकिन उसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट ने कोई टिप्पणी नहीं की। कार्यक्रम में श्रम एवं सेवायोजन मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य, राजस्व एवं बाढ़ नियंत्रण राज्यमंत्री विजय कश्यप, मुख्य सचिव आरके तिवारी, अपर मुख्य सचिव वित संजीव मितल, अपर मुख्य सचिव गृह और सूचना अवनीश कुमार अवस्थी, अपर मुख्य सचिव राजस्व रेणुका कुमार, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एसपी गोयल, प्रमुख सचिव श्रम एवं सेवायोजन सुरेश चंद्रा और सूचना निदेशक शिशिर उपस्थित थे।  
 

रेणुका, संजय व जिला प्रशासन के काम को सीएम ने सराहा 

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संकट के दौरान राजस्व विभाग और राहत आयुक्त कार्यालय ने बहुत बड़ा कार्य किया है। यह दुनिया का सबसे बड़ा रेस्क्यू है जिसमें यूपी में लगभग 35 लाख कामगार व श्रमिकों को विषम परिस्थितियों में सुरक्षित घर पहुंचाया गया। 

इन्हें कच्ची खाद्य सामग्री की किट उपलब्ध कराई गई। अब तक 14 लाख परिवारों को राशन किट उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा बाहर से लौटे इन श्रमिकों को 1000-1000 रुपये भरण-पोषण भत्ते के रूप में दिए जा रहे हैं। 

उन्होंने अपर मुख्य सचिव राजस्व रेणुका कुमार व राहत आयुक्त संजय गोयल की मुक्तकंठ से सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि महामारी के दौरान कई जिलों में भ्रमण का मौका मिला। जनता ने आपदा के दौरान राजस्व प्रशासन के मुस्तैदी से किए गए कार्यों की जिस तरह सराहना की है, वह एक मिसाल है। 

जिला प्रशासन ने बहुत अच्छा कार्य किया है। राजस्व प्रशासनिक अधिकारी संघ के अध्यक्ष निखिल शुक्ला ने राजस्व प्रशासन के कार्यों की तारीफ के लिए सीएम के प्रति आभार जताया है। उन्होंने कहा है कि मुख्यमंत्री के ये शब्द दिन-रात एक कर काम कर रहे फील्डकर्मियों को प्रोत्साहित करेंगे।      

श्रमिकों की पुत्रियों की शादी के लिए नई योजना जल्द
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार श्रमिकों के हितों के लिए लगातार काम कर रही है। इनके बच्चों को अच्छी शिक्षा प्राप्त हो, इसके लिए सभी मंडलों में अटल आवासीय विद्यालय स्थापित किए जा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस ‘बाल श्रमिक विद्या योजना’ का शुभारंभ किया गया। श्रमिकों की पुत्रियों की शादी के लिए भी श्रम विभाग कार्ययोजना तैयार कर रहा है।  
 
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कोरोना है तो छिपाएं नहीं, सामने आएं, नि:शुल्क इलाज की व्यवस्था   

मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर किसी व्यक्ति को कोरोना हुआ है तो वह बीमारी को छिपाने के बजाय सामने आए। प्रदेश में जांच और इलाज की व्यवस्था नि:शुल्क है। प्रदेश सरकार ने कोविड-19 से लड़ने के लिए कोविड अस्पतालों में एक लाख से अधिक बेड की व्यवस्था की है। सभी जिलों में  कोरोना की जांच के लिए ट्रूनेट मशीनें उपलब्ध करा दी गई हैं।   

30 लाख श्रमिकों की स्किल मैंपिंग का काम पूरा, 33.64 लाख को आर्थिक मदद 
प्रदेश में शेल्टर होम पर स्वास्थ्य परीक्षण के साथ-साथ श्रमिकों की स्किल मैपिंग भी कराई गई है। इससे श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने में आसानी होगी। राजस्व विभाग की ओर से बताया गया कि अभी तक लगभग 30 लाख श्रमिकों की स्किल मैपिंग की जा चुकी है। 

स्क्रीनिंग के बाद शेल्टर होम से होम क्वारंटाइन के लिए घर जाने पर प्रत्येक श्रमिक को 15 दिनों के उपयोग की राशन किट उपलब्ध कराई गई। लॉकडाउन के दौरान दिहाड़ी मजदूरों व कामगारों को 1000 रुपये प्रति व्यक्ति की दर से अब तक 33.64 लाख पात्र व्यक्तियों को लाभान्वित किया गया है।  

छठी बार हर गरीब तक खाद्यान्न पहुंचाने की तैयारी  
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में आने वाले कामगारों व श्रमिकों को रोजगार से जोड़ा जाएगा। पहले राजस्व विभाग ने इनकी स्किल मैपिंग का काम किया। अब वित्त विभाग ने बैंकों के साथ बैठक कर इनके रोजगार और स्वावलंबन के लिए कार्ययोजनाएं तैयार की हैं। प्रदेश में पांच बार हर गरीब को अनाज वितरित किया गया है। छठी बार इस काम को आगे बढ़ाने की कार्यवाही चल रही है।
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