मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को 10 लाख 48 हजार 166 श्रमिक परिवारों के खातों में डायरेक्ट बैंक ट्रांस्फर (डीबीटी) के जरिए 104 करोड़ 82 लाख रुपये ऑनलाइन हस्तांतरित किए। इसमें प्रति परिवार 1000 रुपये की सहायता उपलब्ध कराई गई है।
योगी ने कहा कि श्रमिकों व कामगारों के हितों के लिए प्रदेश सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। उन्हें सामाजिक, आर्थिक सुरक्षा की गारंटी भी सरकार देगी। श्रमिकों की कुशलता का उपयोग प्रदेश के नव-निर्माण में किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने अपने सरकारी आवास पर आयोजित कार्यक्रम में कहा कि श्रमिकों ने अपने श्रम से देश व राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इन्हें रोजगार देने के संबंध में एक आयोग का गठन किया जा रहा है। इनकी स्किल मैपिंग की जा रही है।
उन्होंने जिला प्रशासन के अधिकारियों को स्किल मैपिंग होने के बाद कामगारों के बैंक खातों की सूची शासन को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में पूरी दुनिया वैश्विक महामारी से जूझ रही है। संकट के समय में सभी का एकजुट होना बेहद जरूरी है।
जब हम एक टीम वर्क के रूप में काम करते हैं और पूरा सिस्टम उसके साथ जुड़ता है, तो उसके परिणाम भी सकारात्मक आते हैं। आपदा के दौरान प्रदेश ने उत्कृष्ट स्तर का कार्य किया, जो देश के लिए एक उदाहरण बना है।
उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में इससे जुड़ी सुनवाई चल रही है। यूपी के सामने सबसे बड़ी चुनौती थी, लेकिन उसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट ने कोई टिप्पणी नहीं की। कार्यक्रम में श्रम एवं सेवायोजन मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य, राजस्व एवं बाढ़ नियंत्रण राज्यमंत्री विजय कश्यप, मुख्य सचिव आरके तिवारी, अपर मुख्य सचिव वित संजीव मितल, अपर मुख्य सचिव गृह और सूचना अवनीश कुमार अवस्थी, अपर मुख्य सचिव राजस्व रेणुका कुमार, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एसपी गोयल, प्रमुख सचिव श्रम एवं सेवायोजन सुरेश चंद्रा और सूचना निदेशक शिशिर उपस्थित थे।