ग्रामीण क्षेत्रों की जर्जर सड़कें जल्द ही दुरुस्त होंगी। इसके लिए बुधवार को सभी 75 जिलों में योजना का शुभारंभ किया गया। इस योजना पर पीडब्ल्यूडी 1296 करोड़ रुपये खर्च करेगा।
चुनावी वर्ष में राज्य सरकार ने ग्रामीण क्षेत्र की सड़कों पर विशेष ध्यान देने का फैसला किया है। इसके तहत पीडब्ल्यूडी ने ऐसी 2837 सड़कें चिह्नित की हैं, जो बिल्कुल भी चलने लायक नहीं हैं। इन मार्गों की कुल लंबाई 6059 किमी. है।
सभी 75 जिलों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और पीडब्ल्यूडी अधिकारियों की मौजूदगी में योजना का शुभारंभ किया गया।
पीडब्ल्यूडी के विभागाध्यक्ष वीके सिंह ने बताया कि चिह्नित मार्ग माह भर में दुरुस्त करा दिए जाएंगे। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को क्वालिटी पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं। मार्गों की क्वालिटी खराब पाए जाने पर दोषी इंजीनियरों और ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सीएम ने नहीं किया योजना का शुभारंभ
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इस योजना का शुभारंभ मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को अपने आवास पर करना था, पर ऐन वक्त पर कार्यक्रम को रद्द कर दिया गया।
पीडब्ल्यूडी के विभागाध्यक्ष वीके सिंह के मुताबिक, पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार जिलों में योजना का शुभारंभ किया गया। प्रत्येक जिले में बुधवार को ही एक-एक सड़क पर काम शुरू हो गया।
सभी 12 जोनों में ठीक कराए जाने वाले मार्गों की संख्या
मध्य क्षेत्र (लखनऊ) जोन में 340 मार्ग दुरुस्त कराए जाएंगे। इसके अलावा आगरा जोन में 124, आजमगढ़ में 169, इलाहाबाद में 144, बरेली में 367, फैजाबाद में 416, गोरखपुर में 312, झांसी में 208, कानपुर में 217, मुरादाबाद में 179, मेरठ में 165 और वाराणसी जोन में 196 मार्ग दुरुस्त कराने के लिए चिह्नित किए गए हैं।