पंचायत चुनाव में यदि केंद्रीय बल न मिला तो राज्य सरकार अपने सुरक्षा बलों से चुनाव कराएगी। चुनाव में होमगार्ड, पीआरडी जवान व ग्राम चौकीदार लगाए जाएंगे।
इसके अलावा जीआरपी, सीबीसीआईडी, विजिलेंस के साथ ही सेल्स टैक्स व उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन में लगे पुलिसकर्मियों को भी चुनाव ड्यूटी में लगाया जाएगा।
राज्य सरकार ने केंद्रीय बल न मिलने की स्थिति में अपना ‘प्लान बी’ भी तैयार कर लिया है। दरअसल, राज्य सरकार ने पंचायत चुनाव के लिए 423 कंपनी केंद्रीय बल मांगा था, लेकिन केंद्र ने इसे मुहैया कराने से मना कर दिया है। इस पर राज्य सरकार ने दोबारा केंद्र सरकार को पत्र लिखा है।
वहीं केंद्रीय बल न मिलने की स्थिति में अपने सुरक्षा बलों से चुनाव कराने की तैयारी भी शुरू हो गई है।