बार बार नियमों में होने वाले बदलाव से अटकी पड़ी भर्तियां चयन आयोग के गठन के फैसले के साथ बहाल हो सकती हैं। अगर ऐसा हुआ तो नौकरियों की बाढ़ आ जाएगी।
राज्य अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के गठन के फैसले से ग्राम्य विकास, पंचायतीराज और राजस्व विभाग में अटकी भर्तियों पर निगाहें टिक गई हैं।
इन विभागों में ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी की भर्तियां पिछले आठ महीने से अटकी हैं जबकि लेखपाल भर्ती के लिए तमाम कोशिशों के बावजूद विज्ञापन तक नहीं निकाले जा सके हैं।
कहा जा रहा है कि इन भर्तियों से जुड़े अधिकारी भर्तियों को लेकर उठाए जाने वाले कई गंभीर सवालों से बचने की कोशिश में भर्ती कार्यक्रम को आगे बढ़ाते रहे। अब नया आयोग बनने से ये अपने विभाग में रिक्त पदों की भर्ती भी आयोग से कराने की गुंजाइश तलाश रहे हैं।
होंगी समूह 'ग' की भर्तियां
प्रदेश सरकार ने समूह ‘ग’ की भर्तियों के लिए राज्य अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को बहाल कर दिया है। अब विभिन्न विभागों में रिक्त समूह ‘ग’ की भर्तियां इसी आयोग से कराई जाएंगी।
ग्राम्य विकास विभाग ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) और पंचायतीराज विभाग ग्राम पंचायत अधिकारी (सेक्रेटरी) के रिक्त पदों के लिए आवेदन ले चुका है।
इस बीच शासन ने समूह ‘ग’ भर्ती नियमावली में संशोधन कर दिया। आवेदन लेने के बाद भर्ती नियम बदलने से यह सवाल शुरू हो गया कि बदले नियम से भर्ती प्रक्रिया पूरी होगी या जिस नियम से आवेदन मंगाए गए, उससे भर्ती की जाएगी?
वहीं, पंचायतीराज व ग्राम्य विकास विभाग में जब से भर्ती की कवायद शुरू हुई है, प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से इससे जुड़े कई वरिष्ठ अफसरों का तबादला हो चुका है।
लेखपाल के 7000 पद खाली
इसी तरह राजस्व विभाग में साल भर की दर्जन भर बैठकों और बार-बार के दावों के बावजूद लेखपाल के रिक्त 7000 पदों के विज्ञापन नहीं निकाले जा सके।
जानकारों का कहना है कि इस भर्ती को लेकर उच्च स्तर पर गंभीर मतभेद होने की वजह से राजस्व परिषद के आयुक्त एवं सचिव पद पर अब तक कई अधिकारी बदल चुके हैं लेकिन कार्यवाही आगे नहीं बढ़ पाई है।
सरकार केंद्रीयकृत व्यवस्था में भर्ती कराने की पक्षधर है जबकि अफसर मौजूदा नियमों से ही भर्ती के पक्षधर रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि नियमावलियों की विसंगतियों की वजह से शासन के अधिकारी खुद भर्ती से बचना चाह रहे हैं।
प्रदेश में पूर्व में हुई कई भर्तियों की जिस तरह से फजीहत हुई है, अधिकारी उससे चौकन्ने हैं। कई अधिकारी अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को ही अपने विभाग की लंबित भर्तियां सौंपने का रास्ता तलाश रहे हैं।
इसलिए यहां अटकी है भर्ती
वीडीओ व सेक्रेटरीः ग्राम विकास व पंचायतीराज विभाग में वीडीओ व सेक्रेटरी पद के आवेदन लिए जा रहे थे कि शासन ने समूह ‘ग’ भर्ती नियमावली में संशोधन कर दिया। एक विज्ञापन से भर्ती प्रक्रिया जारी रहने के बीच नियमावली में संशोधन से यह सवाल शुरू हो गया कि बदले नियम से भर्ती होगी या जिस नियम से आवेदन पत्र मंगाए गए उससे।
यहां आवेदक 100 नंबर की चयन परीक्षा में 10 नंबर के इंटरव्यू की मांग करते रहे हैं, जबकि शासन ने 25 नंबर का इंटरव्यू रखा है। ग्राम विकास व पंचायतीराज विभाग की भर्ती प्रक्रिया करीब आठ महीने से लंबित है।
लेखपालः राजस्व विभाग में लेखपाल के लिए आवेदन मंगाने की बात कई बार हुई लेकिन अब तक भर्ती प्रक्रिया पर उच्च स्तरीय अनुमोदन नहीं लिया जा सका। इसके लिए अब नियमावली में संशोधन की तैयारी चल रही है।
संकेत हैं कि जिला स्तर के स्थान पर प्रदेश स्तर पर भर्ती के लिए राजस्व विभाग भर्ती नियमों में जल्द बदलाव कर सकता है। लेखपाल भर्ती की मौजूदा चयन प्रक्रिया से आवेदक संतुष्ट हैं। यहां 100 नंबर की चयन प्रक्रिया में 90 नंबर की बहुविकल्पीय लिखित परीक्षा व 10 नंबर का इंटरव्यू तय है।