मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि सरकार अनाथ बच्चों की असली गार्जियन होती है और उनकी सरकार कानून के दायरे में हरसंभव तरीके से यह भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा, हर अनाथ बच्चे की एक कहानी होती है और वास्तव में हर बच्चे के मां-बाप होते हैं।
पता नहीं, किन परिस्थितियों में वे उन्हें छोड़ गए। ऐसे में यदि मां-बाप अपने बच्चों को ले जाना चाहते हैं तो सरकार उन्हें 5-10 लाख रुपये की मदद को तैयार है। उन्होंने राजधानी में एक बड़ा अनाथालय खोलने का भी एलान किया।
मुख्यमंत्री शनिवार को पांच कालिदास मार्ग स्थित नए जनता दर्शन सभागार में समारोह को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव व इलाहाबाद हाईकोर्ट के अवकाश प्राप्त कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति विष्णु सहाय के साथ पुस्तक का विमोचन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अनाथ बच्चों को समाज की मुख्य धारा में शामिल किए जाने की जरूरत है। हम लोग जाति-धर्म में उलझ जाते हैं, लेकिन अनाथ बच्चों का जाति-धर्म कुछ नहीं पता होता। उनके नाम से ही जाति और धर्म तय होते हैं।
लखनऊ में बड़ा अनाथालय जल्द
अखिलेश ने कहा कि सरकार अनाथ बच्चों की कुछ मदद कर रही है, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है। प्रदेश के अनाथ आश्रमों को ठीक किया जाएगा। बड़े अनाथालयों की स्थापना होगी। सबसे पहले लखनऊ में पढ़ाई-लिखाई-दवाई का अच्छा बंदोबस्त वाला अनाथालय बनाया जाएगा।
राजधानी में एक मेगाकॉल सेंटर शुरू कर रहे हैं। यहां अनाथ बच्चों के बारे में जानकारी देने के लिए भी स्थान तय किया जाएगा। ऐसे बच्चों के लिए इस तरह के स्किल डवलपमेंट के कार्य शुरू होंगे जो उन्हें रोजगार दे सकें।
उन्होंने ऐसे बच्चों को स्कॉलरशिप देने की मांग पर विचार करने के साथ ही अगले बजट में इनके लिए ज्यादा बजट देने की घोषणा की। वहीं मुख्य सचिव आलोक रंजन ने कहा कि सरकार जो भी तय करेगी उसमें बजट की कमी नहीं होने दिया जाएगा।
'मुलायम दयालु हैं...महान हैं, इन्हें धरती से परोसी थाली नहीं मिली'
जस्टिस विष्णु सहाय ने सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव की खूब तारीफ की। उन्होंने कहा, गरीबों के लिए मुलायम सिंह का दिल पिघलता है। जब मैं कार्यवाहक चीफ जस्टिस था उस दौरान मेरे आवास पर बतौर सीएम मुलायम सिंह यादव से मुलाकात हुई। उस समय हाईकोर्ट में 355 कर्मचारी टेम्पोररी काम कर रहे थे। मैंने मुलायम से चर्चा की तो उन्होंने चार दिन में नोटीफिकेशन जारी करवा दिया।
जस्टिस सहाय ने कहा कि मुलायम को धरती से परोसी थाली नहीं मिली। वे जमीन से उठे हैं। वे महान हैं। महान इसलिए क्योंकि किया बहुतों के लिए लेकिन कभी अपने मुंह से कहा नहीं। कभी अहंकार की भावना नहीं देखी। सीएम में उनके संस्कार नजर आते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री केंद्र की तरह ब्लेम-गेम के चक्कर में नहीं पड़ेंगे। वे अनाथ बच्चों के लिए काम करके दिखाएंगे।
अनाथों को मिले आरक्षण
जस्टिस विष्णु सहाय ने अनाथ बच्चों को आरक्षण दिए जाने की वकालत की। उन्होंने कहा कि वे उनके आरक्षण का विरोध नहीं कर रहे जिन्हें आरक्षण मिल रहा है। उन्हें आरक्षण मिलते रहना चाहिए, लेकिन इन बच्चों के लिए इसलिए आरक्षण की मांग कर रहे हैं क्योंकि इनके न तो मां होती है और न ही बाप। वास्तव में ये कमजोर होते हैं। ओबीसी, एससी से भी ज्यादा कमजोर। ऐसे में इन्हें भी आरक्षण मिलना चाहिए।