अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग के प्रमुख सचिव के पद से डा. एसपी सिंह को हटाए करीब 25 दिन हो चुके हैं।
सरकार इस बीच करीब 85 से ज्यादा आईएएस अफसरों को ताश के पत्ते की तरह फेंट चुकी है लेकिन वह इस विभाग के लिए एक अफसर नहीं तलाश पाई।
सपा सरकार ने अपने दो साल से भी कम के कार्यकाल में इस अहम विभाग से पांच अफसरों को स्थानांतरित किया है।
मार्च 2012 में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की सरकार आने के बाद अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग के प्रमुख सचिव के रूप में वीएन गर्ग, अनिल कुमार गुप्त, राजीव कपूर, संजय अग्रवाल और डा. एसपी सिंह हटाए जा चुके हैं।
गर्ग की तैनाती बसपा सरकार में हुई थी, बाकी चार को इस सरकार ने आजमाया। कुछ समय के लिए अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग के आयुक्त आलोक रंजन को भी यह जिम्मेदारी सौंपी गई।
औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधि व्यापारी महासम्मेलन में मुख्यमंत्री की मौजूदगी में इस अहम विभाग की कुर्सी पर किसी अफसर की स्थायी तैनाती की वकालत करते रहे हैं।
उद्यमियों का तर्क है कि वे जब तक एक अफसर से किसी प्रोजेक्ट पर बात कर काम आगे बढ़ाते हैं, दूसरा आ जाता है।
जब तक वह कुछ समझने और करने की कोशिश करता है, सरकार उसे हटा देती है। इससे उद्यमी हताश होते हैं। मगर सरकार पर इस सुझाव का कोई असर नहीं पड़ा।
प्रमुख सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग के पद से डा. एसपी सिंह को सरकार ने 14 जनवरी को हटाया था।
तब से करीब 85 अफसरों को सरकार इधर से उधर कर चुकी है। इनमें कई प्रमुख सचिव स्तर के अधिकारी भी शामिल हैं। मगर सरकार को इस विभाग में किसी भरोसे वाले अफसर का अब भी इंतजार है।