अल्पसंख्यक कल्याण व वक्फ मंत्री मोहम्मद आजम खां व शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद के विवाद में घिरा शिया वक्फ बोर्ड का गठन अब नवंबर में होना भी मुश्किल है। पिछले माह सरकार ने नवंबर में चुनाव कराने का ऐलान किया था लेकिन अब तक नोटिफिकेशन ही जारी नहीं किया जा सका है। ऐसे में नवंबर में चुनाव होना मुश्किल नजर आ रहा है।
माना जा रहा है कि सरकार अप्रैल में सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के साथ ही शिया वक्फ बोर्ड का चुनाव कराने का मूड बना चुकी है।
वक्फ मंत्री आजम खां ने पिछले दिनों राजधानी में हुए सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के कन्वेंशन में यहां तक कह दिया कि शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड की बात करके वे विवादों में घिरना नहीं चाहते। शिया वक्फ को लेकर की गई कोई भी बात का बतंगड़ बन जाता है।
सरकार चाहती है खत्म हो जाए शिया वक्फ बोर्ड
मौलाना कल्बे जव्वाद गुट का कहना है कि सरकार की मंशा है कि शिया वक्फ बोर्ड खत्म हो जाए और इसकी संपत्तियों को सुन्नी वक्फ बोर्ड में शामिल कर लिया जाए। वक्फ मंत्री ने सुन्नी वक्फ सम्मेलन कर इस इरादे का इजहार भी कर दिया। इस सम्मेलन में शिया वक्फ बोर्ड के गठन व इसके हितों को लेकर कोई चर्चा तक नहीं की गई।