राज्य सरकार 2016 से गांवों और शहरों को ज्यादा बिजली देने के अपने वादे को पूरा करने के लिए सक्रिय हो गई है। नई बिजली परियोजनाओं से बिजली की निकासी और जनता तक बिजली पहुंचाने के लिए ट्रांसमिशन एवं वितरण नेटवर्क के विस्तार का काम समय से पूरा कराने को कहा गया है।
मार्च 2015 तक 69 नए ट्रांसमिशन उपकेंद्रों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही लाइन हानियों में कमी लाने के लिए उपखंड अधिकारियों (एसडीओ) को दो-दो फीडरों की मॉनीटरिंग की जिम्मेदारी सौंपकर उनकी जवाबदेही तय की जाएगी।
मुख्य सचिव आलोक रंजन ने शनिवार को ऊर्जा विभाग और बिजली निगमों के कामकाज की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकार की घोषणा को पूरा करने के लिए जो भी जरूरी काम हैं उन्हें निर्धारित समय में हर हाल में पूरा कराया जाए।
बनेंगे 69 नए उपकेंद्र
मुख्य सचिव ने बैठक में कहा कि राज्य सरकार की घोषणा के अनुसार अक्तूबर 2016 से प्रदेश के शहरी क्षेत्रों को 24 घंटे व ग्रामीण क्षेत्रों व तहसीलों को 16-18 घंटे बिजली आपूर्ति की जानी है।
इसके लिए बिजली उत्पादन, ट्रांसमिशन और वितरण संबंधी कार्य निर्धारित अवधि में पूरे करा लिए जाएं। 2016-17 में लगभग 23,081 मेगावाट बिजली की जरूरत होगी जिसके लिए उत्पादन क्षमता में 9,030 मेगावाट की वृद्धि करनी होगी।
ट्रांसमिशन इकाई द्वारा इस वित्तीय वर्ष में 20 नए उपकेंद्रों का निर्माण कराया जा चुका है तथा मार्च 2015 तक 69 और नए उपकेंद्रों का निर्माण कराया जाएगा।
रंजन ने कहा कि कार्ययोजना के तहत वितरण के 33/11 केवी के 843 नए उपकेंद्रों का निर्माण कराया जाएगा जिनकी कुल क्षमता 7,174 एमवीए होगी। उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त मौजूदा 1,233 उपकेंद्रों में भी 4,646 एमवीए की क्षमता वृद्धि की जाएगी।
हर रोज ली जाए रिपोर्ट
इसके साथ ही 33/11/0.4 केवी की लगभग 63,299 किमी लंबी लाइन का निर्माण कराया जाएगा। मुख्य सचिव ने यह भी निर्देश दिए कि उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित कराने के साथ-साथ यह भी जरूरी होगा कि वितरण लाइन हानियों को कम किया जाए।
इसके लिए उप खंड अधिकारियों का दायित्व निर्धारित कर कम से कम दो-दो फीडरों की जिम्मेदारी नियत कर नियमित रिपोर्ट प्राप्त की जाए।
उन्होंने निर्धारित मानक व गुणवत्ता तथा समय पर काम पूरा न करने वाली कार्यदायी संस्थाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
बैठक में प्रमुख सचिव ऊर्जा संजय अग्रवाल, राज्य विद्युत उत्पादन निगम के सीएमडी कामरान रिजवी, पावर कॉर्पोरेशन के एमडी एपी मिश्र, निदेशक वितरण श्रीकांत प्रसाद, निदेशक वाणिज्य संजय सिंह, निदेशक ट्रांसमिशन शतांशु अग्रवाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।