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सातवें वेतन आयोग के लिए राज्य ने केंद्र से मांगी मदद

Sun, 07 Feb 2016 01:55 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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उत्तर प्रदेश ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने के लिए केंद्र सरकार के सामने 50 फीसदी राशि की मांग रख दी है।
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दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में राज्यों के वित्त मंत्रियों के साथ शनिवार को हुई बजट पूर्व बैठक में राज्य सरकार की ओर से यह मांग रखी गई। बैठक में प्रदेश की नुमाइंदगी राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष नवीन चंद्र वाजपेयी ने की।

वाजपेयी ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की ओर से सातवें वेतन आयोग की संभावित वेतन व पेंशन पुनरीक्षण की सिफारिशों की ओर वित्त मंत्री जेटली का ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें भविष्य में लागू करनी होंगी। इससे राज्य के खर्च में भारी वृद्धि होगी।
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ऐसे में राज्य के विकास के लिए पूंजी और कम पड़ जाएगी। इसे देखते हुए केंद्र को वेतन आयोग की सिफारिशें लागू किए जाने के शुरुआती वर्षों में प्रदेश पर आने वाले खर्च के 50 प्रतिशत हिस्से की मदद करनी चाहिए।

ऋण सीमा 3.5 प्रतिशत की जाए

14वें वित्त आयोग की सिफारिशों का हवाला देते हुए कहा गया कि राज्यों की ऋण सीमा, जीएसडीपी के 3 प्रतिशत की सीमा के अंतर्गत ही तय की गई है।

इसमें कुछ शर्तों के साथ 0.50 प्रतिशत की शिथिलता दी गई, पर केंद्र कृषि, शिक्षा तथा चिकित्सा व स्वास्थ्य के साथ-साथ अन्य सामाजिक क्षेत्रों में अधिक निवेश पर बल दे रहा है। ऐसे में राज्य की ऋण सीमा की छूट बिना शर्त 3.50 प्रतिशत की जाए।

केंद्र करे नुकसान की भरपाई
यूपी की ओर से कहा गया कि केंद्रीय सहायता वाली योजनाओं को लेकर गठित उपसमिति की ड्राफ्ट रिपोर्ट पर प्रदेश सरकार ने शर्त के साथ सैद्धांतिक सहमति दी थी। केंद्र को प्रदेश में केंद्र सहायतित परियोजनाओं के केंद्रांश में जो नुकसान हो रहा है, उसकी किसी अन्य रूप में भरपाई की जानी चाहिए।
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‘उदय’ की तर्ज पर ऋण सीमा में मिले छूट

प्रदेश में अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए न्यू डवलपमेंट बैंक तथा द एशियन इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक ऋण उपलब्ध कराएंगे। जैसे ‘उदय योजना’ के तहत विद्युत वितरण कंपनियों के लिए ऋण सीमा से बाहर जाकर ऋण लेने का प्रावधान किया गया है, वैसे ही इन संस्थाओं से लिए जाने वाले ऋण को भी राज्य की ऋण सीमा से बाहर रखा जाए।

बुंदेलखंड के लिए 325 करोड़ नाकाफी
वाजपेयी ने कहा कि बुंदेलखंड के लिए इस वित्त वर्ष में केंद्र से मिले 325 करोड़ रुपये पर्याप्त नहीं हैं। उन्होंने बुंदेलखंड में सिंचाई सुविधाओं, पेयजल कार्य, जल प्रबंधन व सड़कों के निर्माण के लिए विशेष पैकेज की मांग की।

समाजवादी एक्सप्रेस-वे के लिए मांगे 5000 करोड़
पूर्वांचल के पिछड़ेपन को दूर करने लिए समाजवादी पूर्वांचल (लखनऊ-बलिया) एक्सप्रेस-वे का निर्माण होना है। इस पर करीब 18 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। केंद्र से इसके लिए 5000 करोड़ रुपये की सहायता मांगी गई।
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