उत्तर प्रदेश सरकार ने सेवानिवृत्त कार्मिकों के पेंशन निर्धारण में गलती से अधिक जारी की गई राशि की वसूली का फैसला किया है। पेंशनरों से पहले अदायगी का विकल्प मांगा जाएगा। यदि पेंशनर ने विकल्प नहीं दिया तो अधिक भुगतान की गई राशि की वसूली पेंशन के एक तिहाई हिस्से से मासिक किस्त में की जाएगी।
प्रदेश सरकार ने एक जनवरी 2016 से 31 जुलाई 2017 के बीच सेवानिवृत्त हुए कार्मिकों के पेंशन भुगतान के संबंध में तीन नवंबर 2021 को एक शासनादेश जारी किया था। इसमें व्यवस्था थी कि ग्रेड पे-8700 के लिए निर्धारित तालिका-13 में संशोधन के फलस्वरूप वेतन में कमी होने की दशा में पेंशन में अधिक भुगतान की गई राशि की वसूली नहीं की जाएगी। शासन ने अब इस आदेश में स्पष्टीकरण जारी करते हुए ऐसे पेंशनरों से वसूली का फैसला किया है।
शासन ने कहा है कि एक जनवरी 2016 से 31 जुलाई 2017 के बीच सेवानिवृत्त कर्मियों के लिए अब नई व्यवस्था लागू होगी। ऐसे जिन कार्मिकों का अंतिम वेतन (27 जुलाई, 2017 के शासनादेश से किए गए संशोधन के पूर्व ग्रेड वेतन-8700 के लिए) एक जनवरी 2016 से लागू तालिका-13 के अनुसार निर्धारित था, उनकी पेंशन उसी अंतिम वेतन के आधार पर स्वीकृत होगी, जो संबंधित कार्मिक सेवानिवृत्त के समय प्राप्त कर रहा था। अगर पेंशन गणना में कोई लिपिकीय त्रुटि हुई हो तो उसे सुधारा जाएगा और ऐसी स्थिति में अधिक भुगतान की गई राशि का समायोजन किया जाएगा।
इसके लिए पेंशनर को दो महीने की नोटिस दी जाएगी। उससे कहा जाएगा कि वह आगामी महीनों में पेंशन से एकमुश्त अथवा किस्तों में समायोजन कराने की जानकारी लिखित रूप से दे दें। अगर पेंशनर ने दो माह के अंदर अपना विकल्प नहीं दिया तो संबंधित कोषागार द्वारा अधिक भुगतानित धनराशि की वसूली पेंशन के एक तिहाई भाग से मासिक किस्तों में की जाएगी। विशेष सचिव वित्त नीलरतन कुमार ने इस संबंध में विस्तृत शासनादेश जारी कर दिया है।