मिशन-2022 विजय के लिए प्रदेश सरकार के मंत्री जून और जुलाई माह के दौरान गांव-गांव में जाकर सेवा कार्य करेंगे और वहीं रहकर जनता के बीच सरकार और संगठन की थाह भी लेंगे। सभी मंत्री कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान सरकार की ओर से किए गए सफल प्रबंधन की जानकारी भी जनता को देंगे। सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में मंत्रियों को जून-जुलाई तक अपने प्रभार वाले जिले के हर ब्लॉक में प्रवास की जिम्मेदारी सौंपी गई।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव की मौजूूदगी में लोक भवन में हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि आबादी की दृष्टि से सबसे बड़ा प्रदेश होने के बावजूद यूपी में दूसरी लहर को सबसे जल्दी नियंत्रित किया गया है। प्रतिदिन चार लाख टेस्ट कराए जा रहे हैं, सबसे कम पॉजिटिव रेट और सबसे अधिक रिकवरी दर भी यूपी की है। यहां कर्मचारियों और अधिकारियों की कोरोना से मृत्यु पर अनुग्रह राशि दी जा रही है। प्रवासी श्रमिकों, रेहड़ी वालों सहित अन्य श्रमिकों को आर्थिक सहायता भी दी गई है।
मंत्री और संगठन के पदाधिकारी, कार्यकर्ता संयुक्त रूप से सरकार के कोरोना प्रबंधन की उपलब्धि को जनता के बीच जाकर बताएं। उन्होंने कहा कि प्रभारी मंत्री जिले के ब्लॉक में प्रवास के दौरान अधिकारियों की बैठक लेकर विभिन्न विभागों के कामकाज की समीक्षा करें। प्रवास के दौरान किसी योजना का शुभारंभ करने, सहायता राशि वितरण के साथ बैठक लेकर स्थानीय लोगों से फीडबैक लें। मुख्यमंत्री ने सेवा कार्यों के जरिए स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सा सुविधाएं व टीकाकरण शिविर का निरीक्षण करने, स्वच्छता और वृक्षारोपण व्यवस्था का जायजा लेने के निर्देश दिए।
इससे पहले भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने योगी मंत्रिमंडल की बैठक में कोरोना प्रबंधन की तारीफ की। उन्होंने कहा कि कोरोना नियंत्रण के लिए सरकार व संगठन की ओर से संयुक्त रूप से किए गए प्रयास सफल भी हुए हैं। महामारी के दौर में सरकार व संगठन ने गांव-गांव जनसेवा के कार्य किए हैं। ब्लॉक में रहने वाले प्रमुख जाति-समाज के प्रभावशाली लोगों, प्रबुद्ध वर्ग से जुड़े लोगों से मुलाकात कर उन्हें कोरोना प्रबंधन में मिली सफलता और सरकार की योजनाओं की जानकारी दी जाए।
इस अवसर पर चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह ने प्रदेश में कोरोना की दूसरी लहर में किए गए प्रबंधन और संभावित तीसरी लहर को रोकने के लिए किए जा रहे उपायों का प्रस्तुतीकरण भी दिया। बैठक में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, डॉ. दिनेश शर्मा, संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना, कैबिनेट मंत्री ब्रजेश पाठक, श्रीकांत शर्मा, महेंद्र सिंह, सुरेश राणा सहित अन्य मंत्री उपस्थित थे।