जिले की टास्क फोर्स ऐसे लोगों की पहचान करेगी, जिनके पास पहचान पत्र नहीं है। इनका कोविन एप में पंजीकरण कराया जाएगा। मोबाइल नंबर और पहचान पत्र की अनिवार्यता नहीं होगी। इनका सत्यापन फैसिलिटेटर करेंगे।
इसके बाद इन लोगों का वैक्सीनेशन किया जाएगा। टास्क फोर्स जिला स्तर पर एक नोडल अधिकारी नियुक्त करेगी जो अलग-अलग समूह के लोगों की पहचान के लिए फैसिलिटेटर नियुक्त करेगा। यह फैसिलिटेटर लाभार्थियों की पहचान करेंगे। नोडल अधिकारी उपलब्ध डाटा के मुताबिक इनके लिए विशेष वैक्सीनेशन सत्र आयोजित कराएंगे।
18-44 आयु वर्ग के टीकाकरण में यूपी अव्वल
18 से 44 आयु वर्ग के टीकाकरण में यूपी पूरे देश में पहले पायदान पर है। प्रदेश में कुल 1,65,43,234 वैक्सीन की डोज लगाई गई है। 18-44 आयु वर्ग में अब तक 12,15,017 और 45 से अधिक आयु वर्ग को 1,22,41,151 डोज वैक्सीन लगाई गई है। यूपी में वैक्सीन वेस्टेज भी काफी कम है।
सभी जिलों में 1 जून से 18 से 44 साल वालों के टीकाकरण को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने तैयारी पूरी कर ली है। टीकाकरण की जरूरी डोज के आकलन के लिए विभाग ने सभी सीएमओ से डिमांड मांगी है। टीकाकरण प्रभारी डॉ अजय घई ने बताया कि सभी जिलों में टीके की पर्याप्त उपलब्धता है।
दूसरी डोज के लिए 30 प्रतिशत डोज आरक्षित रखी जाती है। एक जून से टीकाकरण शुरू होने के बाद भी करीब 15 दिन तक किसी तरह की समस्या नहीं रहेगी। अगले सप्ताह तक अगली खेप भी आ जाएगी। फिर भी सभी जिलों में एक माह का अतिरिक्त प्लान लेकर चला जा रहा है। प्रदेश में हर दिन करीब ढाई लाख से अधिक लोगों का टीकाकरण हो रहा है। इसमें औसतन 70 हजार 18 से 44 साल वाले हैं।