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UP Budget 2023: बेटी के जन्म से लेकर रोजगार और विवाह तक की परवाह, आधी आबादी के लिए बजट में किए कई प्रावधान

Wed, 22 Feb 2023 11:06 PM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पूर्व में की गई घोषणा के क्रम में गरीब परिवार की बेटियों की पढ़ाई के लिए बजट में भी प्रावधान किया गया है। वहीं, महिलाओंं की सेहत का भी पूरा ध्यान रखा गया है। सरकार ने बजट में विधवाओं की भी फिक्र की है।
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यूपी विधानसभा में बजट पेश करते वित्तमंत्री सुरेश कुमार खन्ना और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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प्रदेश सरकार ने बजट में आधी आबादी का पूरा ख्याल रखा है। बेटी के जन्म से लेकर विवाह और रोजगार तक की परवाह की है। पहले से चल रही योजनाओं को निर्धारित बजट दिया है। उनकी सेहत सुधार की योजनाओं को भी आगे बढ़ाया है। इससे साफ है कि सरकार महिलाओं के हितों को लेकर गंभीर है।

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राज्य सरकार ने बजट में मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना को विस्तार दी है। इस योजना में बेटी पैदा होने से लेकर उसके विवाह तक 15 हजार रुपये दिए जाते हैं। इसके लिए बजट में 1050 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसी तरह सभी वर्गों की बेटियों की शादी के लिए मुख्यमंत्री विवाह योजना में छह सौ करोड़ और निर्धन लोगों की बेटियों के लिए शादी अनुदान में अलग से 150 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा है। 

इतना ही नहीं, ग्रामीण महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए महिला सामर्थ्य योजना में स्वयं सहायता समूहों के लिए 63 करोड़ का प्रस्ताव है। इसी तरह महिलाओं की मजदूरी नुकसान और पोषण के लिए प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना में 320 करोड़ का प्रावधान करके यह संदेश दिया है कि सरकार हर मोड़ पर उनके साथ है। बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ योजना का संचालन करते हुए टेक होम राशन के तहत गर्भवती महिलाओं व धात्री को पुष्टाहार उपलब्ध कराने के लिए 291 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा मातृत्व शिशु एवं बालिका मदद योजना के जरिये भी मदद की जा रही है। इस योजना को पहले की तरह चालू रखा गया है।

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गरीब परिवार की बेटियों की पढ़ाई के लिए पांच करोड़
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पूर्व में की गई घोषणा के क्रम में गरीब परिवार की बेटियों की पढ़ाई के लिए बजट में भी प्रावधान किया गया है। माध्यमिक शिक्षा के तहत स्ववित्त पोषित विद्यालयों में निर्धारित आयसीमा से कम आय वाले माता-पिता की दूसरी बच्ची की फीस प्रतिपूर्ति के लिए पांच करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसे बेटियों के सशक्तीकरण के रूप में भी देखा जा रहा है।

महिलाओं की सेहत व सुरक्षा का भी रखा ध्यान
बजट में महिलाओं की सेहत का भी पूरा ध्यान रखा गया है। प्रदेश में चल रही प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना में गर्भधारण करते ही निशुल्क जांच व उपचार की व्यवस्था है। बजट में राज्य सरकार ने इस योजना में 56 करोड़ की व्यवस्था की है। वहीं, गर्भवती महिलाओं के लिए टीकाकरण योजना को लगाता चलाया जाएगा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को आयुष्मान योजना के दायरे में लाकर बड़ी राहत दी है। इस मद में 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसी तरह 6 से 59 माह तक के बच्चों के साथ गर्भवती व धात्री महिलाओं में खून की कमी (एनीमिया) को दूर करने के लिए चल रही राष्ट्रीय पोषण अभियान के लिए 455 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार ने तीन महिला पीएसी बटालियन गठन का प्रस्ताव कर महिला सुरक्षा पर भी फोकस किया है। सरकार का दावा है कि प्रदेश में महिलाओं के प्रति आपराधिक घटनाओं में लगातार कमी आ रही है। साल भर में दहेज मृत्यु में 15.81 फीसदी, बलात्कार में 21.24 और अपहरण में 9.17 फीसदी की कमी आई है।

विधवाओं की पेंशन के लिए 4032 करोड़ रुपये 
सरकार ने बजट में विधवाओं की भी फिक्र की है। वर्तमान में 32 लाख 62 हजार निराश्रित महिलाओं को पेंशन दी जा रही है। इनकी पेंशन में किसी तरह की समस्या न आए, इसके लिए 4,032 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।

पूर्वांचल और बुंदेलखंड जैसे पिछड़े क्षेत्रों पर सरकार ने दिखाया खास सरोकार
प्रदेश सरकार ने बुंदेलखंड व पूर्वांचल जैसे पिछड़े क्षेत्रों के विकास पर खास फोकस किया है। बुंदेलखंड व पूर्वांचल क्षेत्रीय विकास निधि के बजट में 200 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी की गई है। इसकेअलावा बुंदेलखंड व पूर्वांचल के तेज विकास के लिए कई नए एलान हुए हैं।

वित्त वर्ष 2022-23 में पूर्वांचल व बुंदेलखंड क्षेत्रीय विकास निधि के अंतर्गत क्रमश: 440 व 260 करोड़ रुपये दिए गए थे। इस तरह 700 करोड़ रुपये का प्रावधान है। चालू वित्त वर्ष तक इस योजना का संचालन लोक निर्माण विभाग कर रहा है। 2023-24 से इस योजना की जिम्मेदारी नियोजन विभाग को सौंप दी गई है। इस बजट में पूर्वांचल क्षेत्रीय विकास निधि के अंतर्गत 525 करोड़ व बुंदेलखंड क्षेत्रीय विकास निधि के लिए 375 करोड़ रुपये दिए गए हैं। इस तरह इन पिछड़े क्षेत्रों के लिए 900 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। यह चालू वित्त वर्ष की अपेक्षा 200 करोड़ रुपये ज्यादा है।

बुंदेलखंड पैकेज से 225 करोड़ मिले
केंद्र सरकार ने बुंदेलखंड क्षेत्र के तेज विकास के लिए 3100 करोड़ का पैकेज दिया था। इस पैकेज के अंतर्गत 225 करोड़ रुपये दिए गए हैं। इससे पूर्वांचल में सड़क, बिजली, पानी जैसे तमाम काम हो सकेंगे।

झांसी व चित्रकूट लिंक एक्सप्रेस-वे से बुंदेलखंड को मिलेगी रफ्तार
प्रदेश सरकार ने बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे से झांसी व चित्रकूट को जोड़ने के लिए बजट में दो नए लिंक एक्सप्रेस-वे का एलान किया है। झांसी लिंक एक्सप्रेस-वे 100 किलोमीटर लंबा होगा। यह राष्ट्रीय राजमार्ग 27 गरौठा से होते हुए एरच तक पहुंचेगा। एरच में यह डिफेंस कॉरिडोर से जुड़ जाएगा। इससे यहां के लोगों को दिल्ली व लखनऊ पहुंचने के लिए एक्सप्रेस वे का विकल्प उपलब्ध हो जाएगा। चित्रकूट लिंक एक्सप्रेस-वे करीब 20 किलोमीटर लंबा होगा। यह बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे को चित्रकूट शहर से जोड़ेगा। बजट में झांसी व चित्रकूट लिंक एक्सप्रेस-वे के लिए क्रमश: 150 व 85 करोड़ का प्रावधान किया गया है। ये एक्सप्रेस- वे  औद्योगिक विकास व निवेश के लिए नए अवसर खोलेंगे। साथ ही रोजगार के अवसर बढ़ाने का भी काम होगा।
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पूर्वांचल को ये भी मिला
  • कुशीनगर कृषि एवं प्रौद्योगिकी तथा विंध्यवासिनी धाम मिर्जापुर को मिले राज्य विश्वविद्यालय।
  • पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के आस-पास औद्योगिक क्लस्टर स्थापित किए जाएंगे। चार औद्योगिक संकुल का होगा विकास।
  • गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे के दोनों तरफ गोरखपुर में औद्योगिक गलियारा विकसित करने के लिए 200 करोड़ की व्यवस्था प्रस्तावित। 

बुंदेलखंड को ये भी मिला
  • बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के साथ डिफेंस कॉरीडोर परियोजना के लिए 550 करोड़ की व्यवस्था प्रस्तावित।
  • बुंदेलखंड में ग्रीन एनर्जी कॉरीडोर-दो परियोजना के तहत बिजली सप्लाई के लिए 1554 करोड़।
  • बुंदेलखंड के समेकित पर्यटन विकास के लिए 40 करोड़। 
  • बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के किनारे दो औद्योगिक निर्माण संकुल का विकास। 

हर परिवार से एक को रोजगार
प्रदेश सरकार ने हर परिवार के एक सदस्य को रोजगार देने के लिए आधार आधारित परिवार आईडी बनाने का फैसला किया है। इसके लिए नीति व प्रक्रिया तय की जा चुकी है। सरकार ने इस काम के लिए बजट में 2.20 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
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