ऑनलाइन मानिटरिंग लागू होने के बाद भी राज्य कर मुख्यालय को प्रदेश के कई जोन में संगठित रूप से कर चोरी की शिकायतें मिल रही हैं जिसे रोकने के लिए ट्रांसपोर्टर, कंपनियों, वाहनों, व्यापारिक संस्थाओं, सर्वाधिक खरीद व बिक्री वाली वस्तुओं के आपूर्तिकर्ता आदि के व्यापारिक लेन-देन पर गोपनीय नजर रखी जाएगी। इसके लिए एक विशेष टीम होगी। जोनल स्तर पर एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-1 व ग्रेड-2 के संयुक्त नेतृत्व में रणनीति तैयार की जाएगी और उसी के मुताबिक टीम तैयार कारवाई की जाएगी।
दरअसल जीएसटी व नेशनल ई-वे बिल व्यवस्था लागू होने के कारण राज्यकर विभाग के सभी कार्य ऑनलाइन हो रहे हैं। इसलिए विभागीय पोर्टल पर अब सभी क्रियाकलापों का डेटा उपलब्ध हैं। इन दिनों सभी क्रियाकलापों से संबंधित डेटा की छानबीन की जा रही है।
ये भी पढ़ें - घर के अंदर घुसे मगरमच्छ को देखकर परिजनों के हाथ-पांव फूले, मच गया हड़कंप, तस्वीरें
ये भी पढ़ें - सपा-रालोद मिलकर लड़ेंगे रामपुर और मैनपुरी सीट का उपचुनाव, खतौली में रालोद का प्रत्याशी होगा
खासतौर पर टैक्स वसूली से जुड़े डेटा का विश्लेषण किया गया तो कई प्रांतों के जरिए प्रदेश में संगठित तरीके से कर चोरी के मामले सामने आए हैं। इनमें ट्रांसपोर्टर, कंपनियों, वाहनों, व्यापारिक संस्थाओं और सर्वाधिक खरीद-बिक्री करने वाली संस्थाओं के शामिल होने के भी संकेत मिले हैं। इसके मद्देनजर मुख्यालय ने संगठित तरीके से हो रही कर चोरी को रोकने के कई कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
कर चोरी रोकने के लिए अब जोन स्तर पर ग्रेड-1 व ग्रेड-2 के एडिशनल कमिश्नरों द्वारा संयुक्त रूप से रणनीति तैयार की जाएगी साथ ही कर चोरी से संबंधित मामलों की जांच के लिए जोन के एडीशनल कमिश्नर-ग्रेड-1 टीम गठित करने को अधिकृत किया गया है। एडीशनल कमिश्नर किसी भी अधिकारी के नेतृत्व में टीम गठित कर मामले की जांच करा सकते हैं।