विक्रमादित्य मार्ग पर लोहिया ट्रस्ट के लिए बंगले का आवंटन एक जनवरी 2017 को नए एक्ट से किया गया था। आवंटन 10 साल के लिए किया गया जबकि संशोधित एक्ट के मुताबिक बंगले का आवंटन अधिकतम पांच साल के लिए ही किया जा सकता है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पूर्व मुख्यमंत्रियों के बंगले खाली करा लिए गए थे।
ट्रस्ट ने मांगा था वक्त
राज्य संपत्ति विभाग से लोहिया ट्रस्ट ने बंगला खाली करने के लिए वक्त देने की मांग की थी। आवंटन रद्द होने के बाद ट्रस्ट 70 हजार रुपये प्रतिमाह बंगले का किराया दे रहा था। यह किराया बाजार दर से वसूला जा रहा था।