कानपुर जू में बर्ड फ्लू की दस्तक के बाद वन विभाग हाईअलर्ट पर है। प्रदेश के सभी वेटलैंड्स पर विशेष नजर रखी जा रही है। जबकि आने वाले प्रवासी पक्षियों की मॉनिटरिंग के लिए टीमें बना दी गई हैं। इसके लिए दूरबीन भी उपलब्ध कराई गई है। इसके अतिरिक्त सभी वन्यजीव अभयारण्य, चिड़ियाघरों और टाइगर रिजर्व में भी चौकसी बढ़ा दी गई है।
दरअसल, प्रदेश में इस मौसम में दूसरे देशों से बड़ी संख्या में पक्षी आते हैं। रायबरेली स्थित समसपुर बर्ड सेंक्चुरी, एटा की पटना बर्ड सेंक्चुरी, दिल्ली-आगरा हाईवे पर स्थित सूर सरोवर और ओखला व उन्नाव में स्थित बर्ड सेंक्चुरी में सैकड़ों प्रजातियों के विदेशी पक्षियों का नवंबर से जनवरी तक जमावड़ा रहता है। अधिकतर जिलों में स्थित वेटलैंड्स में भी बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षी आते हैं। इसलिए वन कर्मियों को आरक्षित वन क्षेत्र के अलावा वेटलैंड के किनारे भी दूरबीन लेकर बैठाया गया है ताकि बर्ड फ्लू की जरा भी आशंका होने पर चिकित्सकों की टीम भेजी जा सके।
इस बात की संभावना अधिक है कि प्रवासी पक्षियों से ही यूपी में बर्ड फ्लू आया है। इसलिए कहीं भी प्रवासी पक्षी के मृत पाए जाने पर उसके शव को प्रयोगशाला में जांच कराए जाने के निर्देश गिए गए हैं। वन विभागाध्यक्ष सुनील पांडेय ने कहा कि पशुपालन विभाग के साथ मिलकर वन विभाग भी पूरी स्थिति पर निगाह रखे हुए है। पूरा प्रयास है कि यह बीमारी जानवरों से इंसानों में न पहुंच पाए।
बलिया के सहतवार थाना क्षेत्र के बिनहां मोड़ के पास दर्जनों कौवे मृत मिले। सोमवार की सुबह कौवों के मरने की खबर मिलते ही लोगों में बर्ड फ्लू को लेकर अफरातफरी मच गई। तत्काल इसकी सूचना 112 नंबर पर दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस और पशु चिकित्सा विभाग की टीम ने मृत कौवों को कब्जे में लेकर जांच के लिए भेज दिया है।
सोनभद्र में कौवे, कबूतर के बाद अब उल्लू मृत मिले
चपकी में सोमवार को एक उल्लू मृत मिला। लोगों की सूचना पर पशु चिकित्सा विभाग के कर्मचारियों ने उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। उधर, डाला में मृत मिले कौवों की भोपाल स्थित लैब से बर्ड फ्लू की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है।
कानपुर में चिड़ियाघर के 935 पक्षियों के सैंपल लिए
चिड़ियाघर में मृत मिले दो जंगली मुर्गों में शनिवार को बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद सोमवार को सात बाड़ों के 935 पक्षियों के सैंपल लिए गए। झील के पानी, मिट्टी और पक्षियों के मल के नमूने भी जुटाए गए हैं। सभी नमूने जांच के लिए भोपाल भेजे जाएंगे। चिड़ियाघर के दो मुर्गों में पुष्टि के बाद उनके संपर्क में आए आठ मुर्गों को जला दिया गया था। साथ ही जू के अन्य पक्षियों की जांच कराने का निर्णय लिया गया था।
इसी क्रम में पीपीई किट से लैस आठ टीमों ने पक्षीघर और पक्षी लोक से सैंपल लिए हैं। चिड़ियाघर के उपनिदेशक एके सिंह ने बताया कि चिड़ियाघर के 14 कर्मचारी संक्रमित मुर्गों के संपर्क में आए थे। उनके चिड़ियाघर में प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। साथ ही उनकी लगातार निगरानी भी की जा रही है।