यूपी में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 75 ग्रामों को दो वर्ष की अवधि में ग्राम्य पर्यटन के लिए चयनित कर विकास किया जाएगा। पर्यटन विभाग द्वारा कृषि एवं ग्राम्य पर्यटन की अवधारणा को साकार करने के लिए 18 मण्डलों से क्लस्टर के रूप में विकसित करने के लिए 229 गांव चयनित किये गए हैं।
यह जानकारी प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि गांवों को विकसित करने के उद्देश्य से पर्यटन विभाग द्वारा ग्राम्य पर्यटन के क्षेत्र में अग्रणी छह परामर्शी संस्थाओं का चयन किया गया है।
उन्होंने बताया कि ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए चिन्हित गांवों में अवस्थापना सुविधाओं का विकास किया जाएगा। पर्यटकों को गांवों की तरफ आकर्षित करने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों को चिन्हित किया गया है।
उन्होंने बताया कि हमारा प्रदेश सांस्कृतिक विविधिता, खान-पान, वेशभूषा, स्थानीय क्राफ्ट, हस्तशिल्प तथा विभिन्न विशेषताओं से भरा हुआ है। इस योजना से पर्यटकों को ग्रामीण जीवन को करीब से देखने और समझने का अवसर प्राप्त होगा। इसके साथ ही प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत एवं प्राकृतिक विरासत से रूबरू होने का मौका भी मिलेगा। ग्रामीण पर्यटन को लोकप्रिय बनाने का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण अंचलों का आर्थिक विकास और स्थानीय रोजगार सृजन के साथ ग्रामीणों की आमदनी को बढ़ाना है।