यूपी सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए सपा शासनकाल में सरकारी मुकदमों की पैरवी के लिए नियुक्त सभी मुख्य अधिवक्ताओं, अपर मुख्य अधिवक्ताओं, स्थायी अधिवक्ताओं व ब्रीफ होल्डरों को हटा दिया है। इन पदों पर नए अधिवक्ताओं की नियुक्ति कर दी गई है।
नियुक्त अधिवक्ताओं की संख्या 300 से अधिक बताई जा रही है। यूपी के न्याय विभाग ने शुक्रवार को पिछली सरकार में उच्च न्यायालय इलाहाबाद में नियुक्त अधिवक्ताओं को हटाने और आठ मुख्य स्थायी अधिवक्ता, 46 अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता के अलावा बड़ी संख्या में स्थायी अधिवक्ता व ब्रीफ होल्डरों की नियुक्ति का आदेश जारी किया है।
इस क्रम में इलाहाबाद उच्च न्यायालय में चार मुख्य स्थायी अधिवक्ता व 25 अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ताओं की नियुक्ति की गई है। इसके अलावा हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में चार मुख्य स्थायी अधिवक्ता व 21 अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता नियुक्त किए गए हैं। इन सभी की तैनाती एक वर्ष के लिए की गई है।
यहां देखें लिस्ट..
डेमो
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इलाहाबाद हाईकोर्ट
मुख्य स्थायी अधिवक्ता : विकास चंद्र त्रिपाठी, जगन्नाथ मौर्य, डॉ. राजेश्वर त्रिपाठी और ओम प्रकाश शर्मा।
अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता : विपिन चंद्र दीक्षित, इंद्र सेन तोमर, गिरिजेश कुमार त्रिपाठी, अर्चना त्यागी, विजय शंकर मिश्र, रमेश पुंडीर, कृष्ण राज सिंह, अमित कुमार सिंह, सुरेश चंद्र द्विवेदी, प्रणेश दत्त त्रिपाठी, अशोक कुमार, अर्चना सिंह, देवेंद्र कुमार तिवारी, प्रवीण कुमार गिरि, अशोक कुमार गोयल, पंकज राय, संजय गोस्वामी, विवेक शांडिल्य, शशांक शेखर सिंह, सुरेश सिंह, सुभाष राठी, नीरज उपाध्याय, विपिन बिहारी पांडेय, सरिता द्विवेदी व सिद्धार्थ सिंह।
लखनऊ खंडपीठ
मुख्य स्थायी अधिवक्ता : रमेश पांडेय, श्रीप्रकाश सिंह, विनय भूषण व शैलेंद्र कुमार सिंह।
अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता : राज बख्श सिंह, नितिन माथुर, शैलेंद्र सिंह चौहान, राम प्रताप सिंह, अमरेंद्र प्रताप सिंह, अनिल कुमार चौबे, रंजना अग्निहोत्री, अमर बहादुर सिंह, आलोक शर्मा, विनोद कुमार शुक्ला, हर गोविंद उपाध्याय, राजेश तिवारी, शिखा सिन्हा, अजय अग्रवाल, राहुल शुक्ला, अभिनव एन. त्रिवेदी, देवेश चंद्र पाठक, पंकज नाथ, कमर हसन रिजवी, सत्यांशु ओझा व विवेक शुक्ला।