राज्य सरकार ने छात्रवृत्ति और शुल्क भरपाई के लिए परिवार की अधिकतम आय सीमा बढ़ाने से इन्कार कर दिया है। समाज कल्याण विभाग ने ढाई लाख रुपये तक सालाना आमदनी वाले परिवारों को योजना के दायरे में लाने का प्रस्ताव भेजा था, पर बजट की स्थिति को देखते हुए ऐसा न करने का फैसला किया गया।
अभी प्रदेश में दो लाख रुपये तक सालाना आमदनी वाले परिवारों के विद्यार्थियों को ही इस योजना का लाभ मिलता है।
केंद्र सरकार ढाई लाख रुपये तक सालाना आय वाले परिवारों के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति के साथ-साथ शुल्क भरपाई की सुविधा देती है। यही आय सीमा यूपी में भी लागू करने की लंबे समय से मांग की जा रही है।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि किसानों की कर्जमाफी में भारी-भरकम रकम खर्च होने के चलते ऐसा कर पाना मुमकिन नहीं हो पा रहा है।