चुनाव आचार संहिता लागू होने के साथ ही सरकार चुनाव में व्यस्त हो गई है लेकिन अफसरशाही विभागीय योजनाओं, कार्यक्रमों, प्राथमिकताओं पर मंथन कर उसमें सुधार व बेहतर करने की कार्ययोजना तैयार करेगी। नई सरकार के लिए यह तैयारी बहुत काम आएगी। मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्र की अध्यक्षता में यह कवायद 12 जनवरी से शुरू हो रही है जो 24 जनवरी तक चलेगी।
शासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मुख्य सचिव के निर्देश पर सभी प्रमुख विभागों को नौ सेक्टर में बांटकर प्रतिदिन ढाई घंटे (2.30 बजे से 5 बजे) बैठक की योजना तैयार की गई है। नौ सेक्टर को अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास, कृषि उत्पादन, ग्राम्य विकास, आवास एवं शहरी विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक, राजस्व संग्रह व विविध में बांटा गया है। प्रत्येक सेक्टर में चार से आठ विभाग शामिल हैं।
बैठक में केंद्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित प्राथमिकता कार्यक्रमों पर पीपीटी के जरिए प्रस्तुतीकरण होगा। प्रत्येक विभाग अधिकतम 10 स्लाइड में प्रजेंटेशन देंगे। प्रजेंटेशन में आवश्यक फोटोग्राफ भी शामिल होगा, लेकिन इसकी गिनती 10 स्लाइड में नहीं होगी। प्रत्येक विभाग को प्रस्तुतीकरण के लिए 15 मिनट मिलेगा।
शासन के समस्त अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों व सचिवों को इस संबंध में निर्देश दे दिए गए हैं। इन बैठकों में संबंधित विभाग के विशेष सचिव व उनसे ऊपर के अधिकारी तथा विभागाध्यक्ष शामिल होंगे। जिन सेक्टर से कृषि उत्पादन आयुक्त व अवस्थपना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त जुड़े होंगे, वे भी बैठक में शामिल होंगे।