केंद्र अपने कर्मचारियों को दशहरा के पहले ही एकमुश्त बोनस भुगतान का एलान कर चुका है। प्रदेश सरकार को यह तय करना है कि केंद्र की तरह राज्यकर्मियों को एक महीने का पूरा बोनस नकद दिया जाए या पूर्व की तरह एक चौथाई या आधा ही नकद दिया जाए। बाकी रकम जीपीएफ में डाली जाए।
माना जा रहा है कि सरकार इस पर फैसले के लिए अक्तूबर में होने वाली आय का इंतजार कर रही है। इसी सप्ताह अक्तूबर की प्राप्तियों के अंतिम आंकड़े आने की संभावना है। इसके बाद बोनस पर भी फैसले की संभावना जताई जा रही है। प्रदेश के 15 लाख कर्मचारी बोनस पर निर्णय का इंतजार कर रहे हैं।
प्रमुख मदों में कमाई-- सितंबर 2020-- अक्तूबर-2020
राज्य वस्तु एवं सेवा कर-- 1695.82-- 3027.35
राज्य उत्पाद शुल्क-- 2141.27-- 2089.34
स्टांप तथा पंजीकरण शुल्क-- 1436.92-- 1603.17
बिक्री-व्यापार आदि-- 1706.04-- 1784.67
वाहन कर-- 439.61-- 486.08
विद्युत कर तथा शुल्क-- 41.07-- 60.91
भूतत्व एवं खनिकर्म-- 182.88-- 243.36
(स्रोत : कोषवाणी। प्रदेश को 60 मदों से कमाई होती है।)
(वैट, स्टांप-रजिस्ट्रेशन, वाहन कर, विद्युत कर, भूतत्व व खनिकर्म में बढ़ा राजस्व, स्रोत- कोषवाणी। प्रदेश को 60 मदों में कमाई होती है।)
अक्तूबर-2020 में कमाई: 9995.02 करोड़ रुपये।
सितंबर- 2020 में कमाई: 8346.76 करोड़ रुपये।