फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

केजीएमयू में शिक्षकों की नियुक्ति पर सवाल, शासन ने केजीएमयू प्रशासन से मांगा जवाब

Wed, 10 Mar 2021 11:24 AM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
- फोटो : amar ujala
विज्ञापन

केजीएमयू में प्लास्टिक सर्जरी और रेस्पेरेटरी मेडिसिन विभाग में हुई शिक्षकों की नियुक्ति पर सवाल खड़े हो गए हैं। मुख्यमंत्री और राज्यपाल से हुई शिकायत के बाद केजीएमयू प्रशासन से जवाब मांगा गया है। केजीएमयू में करीब 230 पदों के लिए भर्ती चल रही है। इसके तहत विभिन्न विभागों में चयन प्रक्रिया चल रही है। जनवरी माह में रेस्पेरेटरी मेडिसिन एवं प्लास्टिक सर्जरी विभाग में नियुक्ति हुई।

विज्ञापन


मेरठ के सर्वेंद्र चौहान ने एक मार्च को पूरे मामले की शिकायत की है। इसमें आरोप लगाया है कि प्लास्टिक सर्जरी विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर नियुक्त होने वाले की एमबीबीएस की डिग्री नेपाल की है। एमसीएच की डिग्री नहीं है। संबंधित ने केरल के प्राइवेट कॉलेज से डीएनबी कोर्स किया है। जबकि साक्षात्कार में केजीएमयू और एम्स ऋषिकेश से एमसीएच की डिग्री धारक भी शामिल हुए थे, लेकिन उन्हें अयोग्य करार दे दिया गया।

आरोप है कि प्लास्टिक सर्जरी विभाग में मनमाने तरीके से नियुक्ति की गई है। असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर चयनित होने वाले की मां केजीएमयू में उच्च पद पर कार्यरत हैं। इतना ही नहीं उनके पिता पहले केजीएमयू में थे और इन दिनों दूसरे स्थान पर वरिष्ठ पद पर हैं। इसी तरह रेस्पेरेटरी मेडिसिन विभाग में नियुक्ति पाने वाले के अनुभव प्रमाण पत्र को चुनौती दी गई है।
विज्ञापन


इसमें भी आरोप है कि नियुक्ति पाने वाले के विभाग के प्रोफेसरों से गहरे ताल्लुकात हैं। सीसीटीवी कैमरे की जांच कराई जाए तो पूरा मामला खुल सकता है। फिलहाल शिकायत के बाद आठ मार्च को चिकित्सा शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव ने केजीएमयू के कुलसचिव से मामले पर रिपोर्ट तलब की है। इससे केजीएमयू में हलचल मची हुई है।

विज्ञापन

ये सवाल मांग रहे हैं जवाब

- केजीएमयू की प्लास्टिक सर्जरी विभाग की एमसीएच डिग्री धारक से डीएनबी कोर्स वाला अधिक योग्य कैसे हुआ?

-  सुपर स्पेशियलिटी के लिए एमसीएच डिग्रीधारी मिल रहे हैं तो फिर प्राइवेट कॉलेज के  डीएनबी डिग्रीधारक को तवज्जो क्यों?

- एम्स ऋषिकेश में शिक्षक के पद पर पहले से कार्यरत को अयोग्य ठहराकर नेपाली व प्राइवेट कॉलेज के डिग्रीधारक को अधिक योग्य कैसे ठहराया जा सकता है?

- केजीएमयू के रेस्पेरेटरी के सीनियर रेजीडेंट कैसे अयोग्य हो सकता है, जबकि दूसरे जगह वाले को योग्य ठहरा दिया गया।

केजीएमयू के मीडिया प्रभारी डॉ. सुधीर सिंह का कहना है कि केजीएमयू में नेशनल मेडिकल कमीशन की योग्यता के हिसाब से नियुक्ति की जा रही है। इसके लिए स्क्रीनिंग कमेटी गठित है। यह कमेटी शैक्षिक दस्तावेजों की जांच करती है। इसके बाद चयन समिति बैठती है और वह साक्षात्कार लेती है। फिर योग्य उम्मीदवार का चयन होता है। शिक्षक भर्ती में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं हुई है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें