प्रदेश सरकार ने 10 आदर्श इलेक्ट्रिक मोबिलिटी (ईएम) नगरों में से प्रत्येक में 100 डीसी सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की योजना बनाई है। विद्युत वितरण कंपनियों को सरकारी भवनों व अन्य सार्वजनिक स्थानों पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की जिम्मेदारी दी जाएगी। सरकार निजी विकासकर्ताओं को हाइड्रोजन स्टेशनों की स्थापना के लिए भी प्रोत्साहित करेगी।
औद्योगिक विकास विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ये चार्जिंग प्वाइंट निजी व सरकारी, दोनों तरह के वाहनों के लिए उपलब्ध होंगे। यूपी राज्य सड़क परिवहन निगम के डिपो व बस स्टॉप में चार्जिंग स्टेशन अवश्य होंगे।
सार्वजनिक पार्किंग स्थलों पर भी चार्जिंग स्टेशन स्थापित होंगे। दरअसल, सरकार ने लखनऊ सहित नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, मथुरा, आगरा, कानपुर, प्रयागराज, गोरखपुर और वाराणसी को ईएम सिटी के रूप में डवलप करने की योजना बनाई है। अधिक घनत्व वाले प्रमुख राजमार्गों पर प्रत्येक 50 किमी. पर तेज चार्जिंग वाले चार्जिंग स्टेशन व बैटरी बदलने के केंद्र स्थापित होंगे। प्रमुख मार्गों में सभी एक्सप्रेस-वे प्राथमिकता पर शामिल रहेंगे।
सरकार ने कम लागत वाली ईवी चार्जिंग की सुविधा के लिए विशेष पावर टैरिफ नीति तैयार करने का निर्देश दिया है। प्रदेश का ऊर्जा विभाग व राज्य विद्युत नियामक आयोग मिलकर विशेष टैरिफ नीति बनाने की कार्यवाही कर रहे हैं।
नॉन पीक ऑवर्स में ईवी को सस्ती दर पर बिजली उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है। अधिकारी ने बताया कि लिथियम बैटरी के खतरों को दूर करने के लिए सरकार हाइड्रोजन से चलने वाले फ्यूल सेल तथा सौर ऊर्जा से चलने वाले सेल्स के विकास व उपयोग को बढ़ावा देने की तैयारी कर रही है। निजी विकासकर्ताओं को हाइड्रोजन स्टेशनों की स्थापना के लिए विभिन्न तरह की सहूलियतें दी जाएंगी।