नीति में बुंदेलखंड और पूर्वांचल क्षेत्र के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन का भी प्रावधान किया गया है। नीति के क्रियान्वयन के लिए आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के अधीन एक नोडल संस्था गठित की जाएगी। इसके कार्यों की देखरेख के लिए नीति कार्यान्वयन इकाई स्थापित की जाएगी।
निवेशकों से संबंधित मामलों के समयबद्ध निस्तारण के लिए अंतर्विभागीय सामंजस्य और 200 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश वाली परियोजना पर मंत्रिपरिषद के अनुमोदन की अनुशंसा के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में सशक्त समिति बनाई जाएगी।
इसलिए पड़ी जरूरत: सरकार का मानना है कि ईएसडीएम क्षेत्र में 20 हजार करोड़ के निवेश और तीन लाख लोगों के लिए रोजगार के अवसर उत्पन्न हुए हैं। नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेस-वे क्षेत्र के इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग जोन और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग के लिए अनुकूल माहौल बना है।
भारत सरकार की राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स नीति -2019 के बाद प्रदेश सरकार ने भी उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग नीति 2017 में संशोधन करना उचित समझा।