प्रदेश सरकार ने नए वित्तीय वर्ष के बजट में अपने धार्मिक एजेंडे को और धार दी है। अयोध्या में श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद यहां 150 करोड़ से पर्यटन अवस्थापना सुविधाओं का विकास होगा। वहीं नैमिषारण्य के पर्यटन विकास पर भी 100 करोड़ खर्च होगा। काशी विश्वनाथ धाम, विंध्याचल धाम के बाद सरकार ने मथुरा वृंदावन कॉरीडोर का रास्ता साफ करते हुए यहां भी कॉरीडोर निर्माण के लिए 150 करोड़ का प्रावधान कर दिया है।
इसी के साथ नई गठित अयोध्या तीर्थ विकास परिषद के लिए तीन व देवीपाटन व शुक तीर्थ विकास परिषद के लिए भी ढाई-ढाई करोड़ करोड़ का प्रावधान किया है। अयोध्या में श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद देश-विदेश से यहां आने वाले पर्यटकों-श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ी है। अब सरकार 150 करोड़ से यहां आने वाले पर्यटकों-श्रद्धालुओं के लिए सड़क, बिजली, पानी, आवागमन, ठहरने, पार्किंग सुविधा, सौंदर्यीकरण आदि पर फोकस होकर काम करेगी।
वहीं मथुरा-वृंदावन स्थित श्रीबांके बिहारी जी महाराज मंदिर के आस-पास की भूमि का अधिग्रहण कर दर्शनार्थियों की सुविधा के लिए कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा। इसके तहत मथुरा-वृंदावन कॉरीडोर का निर्माण करने के लिए बजट में 150 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसी के साथ अन्य धार्मिक व सांस्कृतिक स्थलों के लिए भी कुछ न कुछ बजट का प्रावधान किया गया है।
कितनी राशि कहां हुई आवंटित
- नाथ कॉरीडोर बरेली के पर्यटन विकास व सौंदर्यीकरण के लिए 25 करोड़
- शुक तीर्थ विकास परिषद के तहत शुक क्षेत्र में पर्यटन विकास के लिए 15 करोड़
- देवीपाटन तीर्थ विकास क्षेत्र में पर्यटन विकास के लिए 40 करोड़ का प्रावधान
- प्रदेश के तीर्थ व धार्मिक स्थलों पर जनसुविधा विकास के लिए 20 करोड़
- प्रदेश से सिंधु दर्शन के लिए जाने वाले यात्रियों के अनुदान के लिए 10 लाख
- मान्यवर कांशीराम पर्यटन प्रबंधन संस्थान लखनऊ के लिए एक करोड़
- आगरा में होगी छत्रपति शिवाजी महाराज संग्रहालय की स्थापना, 25 करोड़ दिए
ग्रामीण क्षेत्र में पौराणिक व धार्मिक मेलों का आयोजन
प्रदेश सरकार शहरों के साथ-साथ अब ग्रामीण क्षेत्र में भी पौराणिक व धार्मिक मेलों को बढ़ावा देगी। इसके लिए पांच करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे छोटे-छोटे मेलों का व्यवस्थित आयोजन किया जाएगा। वहीं मुख्यमंत्री पर्यटन विकास सहभागिता योजना में हर विधानसभा क्षेत्र में एक पर्यटन स्थल विकसित करने पर जोर दिया गया है।
युवाओं को संस्कृति-सांस्कृतिक परंपरा से जोड़ेंगे
प्रदेश सरकार युवाओं को अपनी कला, संस्कृति व पर्यटन स्थल से जोड़ने पर काफी काम कर रही है। इसी के तहत युवाओं को कला व संस्कृति से जोड़ने के लिए रेडियो जयघोष पर देश-प्रदेश की कला संस्कृति, लोक कला व राष्ट्रीय भावना पर आधारित शैक्षणिक कार्यक्रमों का प्रसारण किया जाएगा। इसके लिए एक करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।