याची के अधिवक्ता की दलील थी कि अन्य पिछड़ा वर्ग श्रेणी में याची के क्वालिटी प्वाइंट मार्क्स 71.1 फीसदी हैं पर उसे काउंसिलिंग के लिए नहीं बुलाया गया। इसके विपरीत 68.78 फीसदी नंबर हासिल करने वालों को बुलाया गया, जो कि सही नहीं है।
इस मामले में राज्य सरकार की तरफ से पेश हुए अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता रणविजय सिंह ने कहा कि कम अंक पाने वाले अभ्यर्थी को नियुक्ति देने का कोई सवाल ही नहीं उठता और अगर कोई गलती हुई है, तो उसे सुधारा जाएगा।
प्रदेश के परिषदीय स्कूलों में 69,000 शिक्षक भर्ती के लिए चयन प्रक्रिया जारी है। जून माह में 67867 अभ्यर्थियों की अंतिम सूची जारी की गई थी परंतु काउंसिलिंग के पहले दिन ही हाई कोर्ट ने चयन पर रोक लगा दी थी।
इसके बाद राज्य सरकार ने 21 मई के शीर्ष कोर्ट के आदेश पर 31661 पदों पर चयनितों की नई सूची जून माह में जारी सूची से ही बनाए जाने के आदेश दिए थे जिसके बाद बेसिक शिक्षा परिषद ने 31277 पदों पर अभ्यर्थियों का अंतिम रूप से चयन कर उनको जिलों में भेज दिया।