राज्य सरकार ने श्रमिकों की सभी बेटियों को पुत्री विवाह योजना का लाभ देने का निर्णय किया है।
पहले केवल अधिकतम दो पुत्रियों को ही लाभ के लिए पात्र माना गया था।
इसके अलावा पंजीकरण के बाद नियमित सदस्यता की अनिवार्यता पांच साल से घटाकर तीन साल कर दी गई है।
प्रमुख सचिव श्रम शैलेश कृष्ण ने इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया है।
उन्होंने अफसरों को संशोधित आदेश के अनुसार श्रमिकों को योजना का लाभ देने को कहा है।
उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड भवन निर्माण से जुड़े पंजीकृत श्रमिकों को पुत्री विवाह योजना के तहत 20 हजार रुपये अनुदान देता है।