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यूपी: अवैध खनन केस में सहारनपुर के खनन माफिया मोहम्मद इकबाल की ग्लोकल यूनिवर्सिटी जब्त, ईडी ने कार्रवाई

Sat, 15 Jun 2024 09:20 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

Mohammad Iqbal: अवैध खनन के केसम में सहारनपुर के खनन माफिया एवं पूर्व बसपा एमएलसी मोहम्मद इकबाल की ग्लोकल यूनिवर्सिटी को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जब्त कर लिया है।
 
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खनन माफिया मोहम्मद इकबाल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सहारनपुर के खनन माफिया एवं पूर्व बसपा एमएलसी मोहम्मद इकबाल की ग्लोकल यूनिवर्सिटी को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जब्त कर लिया है। राजधानी स्थित ईडी के जोनल कार्यालय ने शुक्रवार को अवैध खनन के मामले में मोहम्मद इकबाल की यूनिवर्सिटी की 121 एकड़ भूमि और सभी भवनों को जब्त करने की कार्रवाई की है। बता दें कि इकबाल बीते कई महीनों से फरार होकर दुबई में पनाह लिए है। उसके खिलाफ देश भर की करीब एक दर्जन से ज्यादा एजेंसियां जांच कर रही हैं।

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ईडी के मुताबिक ग्लोकल यूनिवर्सिटी को अब्दुल वहीद एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट के जरिए संचालित किया जा रहा था, जिसके नियंत्रण, प्रबंधन और संचालन मोहम्मद इकबाल और उनके परिवार के सदस्यों द्वारा किया जाता है। ईडी ने करीब 10 वर्ष पूर्व मोहम्मद इकबाल के खिलाफ सीबीआई द्वारा दर्ज की गयी खनन घोटाले की एफआईआर के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत केस दर्ज करते हुए जांच शुरू की थी। 

यह मुकदमा सहारनपुर में खनन के पट्टों में हुई धांधली से जुड़ा था, जिसमें लीज होल्डर महमूद अली, दिलशाद, मोहम्मद इनाम, महबूब आलम (अब मृत), नसीम अहमद, अमित जैन, नरेंद्र कुमार जैन, विकास अग्रवाल, मोहम्मद इकबाल का बेटा मोहम्मद वाजिद, मुकेश जैन, नरेंद्र कुमार, पुनीत कुमार और कुछ अज्ञात सरकारी अधिकारियों को नामजद किया गया था। ईडी की जांच से पता चला कि सभी खनन फर्मों का स्वामित्व और संचालन मोहम्मद इकबाल के पास था। इकबाल और उसके करीबियों की कंपनियां और फर्में सहारनपुर और आस-पास के इलाकों में बड़े पैमाने पर अवैध खनन में शामिल थीं। 
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इसके जरिए मोहम्मद इकबाल के साथ करोड़ों रुपये का लेन-देन किया गया, जबकि इन कंपनियों से उसका कोई कारोबारी संबंध नहीं था। इतना ही नहीं, मोहम्मद इकबाल ने इस अवैध कमाई को आयकर विवरण में इसे छिपा लिया गया था। बाद में मोहम्मद इकबाल ने सारी धनराशि अब्दुल वहीद एजुकेशनल ट्रस्ट के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी। 

अधिकतर रकम को असुरक्षित कर्ज और दान के रूप में दिया जाना दर्शाया गया था। बाद में ट्रस्ट ने इस धनराशि का उपयोग यूनिवर्सिटी की भूमि खरीदने और भवनों के निर्माण के लिए किया। ईडी की जांच में सामने आया है कि इस तरह करीब 500 करोड़ रुपये ट्रस्ट के जरिए ग्लोकल यूनिवर्सिटी में निवेश किए गये। वर्तमान में यूनिवर्सिटी की भूमि और भवनों की बाजार कीमत 4440 करोड़ रुपये है। बता दें मोहम्मद इकबाल के चार बेटे और भाई अलग-अलग मामलों में जेल में बंद हैं।

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