एआई के सही उपयोग का मिलेगा प्रशिक्षण
कंपनी ने उत्तर प्रदेश के छात्रों को देखते हुए कोर्स को हिन्दी में तैयार किया है। ताकि छात्रों को कोर्स आसानी से समझ में आ सके। चूंकि वर्तमान और भविष्य में रोजगार और उद्यमिता के लिए एआई सबसे महत्पपूर्ण तकनीकी है। इसलिए इस कोर्स के जरिए छात्र आसानी से एआई को समझ सकेंगे। डेढ़ घंटे के कोर्स में एआई एक्सपर्ट छात्रों को चैटजीपीटी टूल्स के सही उपयोग की जानकारी देंगे।
एआई टूल्स को निर्देशित करने का सही तरीका बताएंगे। जिससे कि छात्र इस तकनीकी को बेहतर तरीके से अपने लिए उपयोग कर सकें। साथ ही विभिन्न टूल्स की भी जानकारी दी जाएगी। लांचिंग के दौरान माननीय कुलपति प्रो0 जेपी पाण्डेय ने कहा कि यह कोर्स विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए काफी लाभकारी होगा। खासकर हिन्दी में होने से छात्र आसानी से इसे समझ पाएंगे। शुरूआती चरण में विश्वविद्यालय परिसर में अध्ययनरत छात्रों को कोर्स का एक्सेस मिलेगा। उसके बाद संबद्ध संस्थान के छात्र भी कोर्स निःशुल्क रूप से कर सकेंगे।
सेंटर फॉर एडवांस्ड स्टडीज के निदेशक प्रो0 एसपी शुक्ल ने कहा कि आज एआई की दखल हर जगह है। भविष्य में आगे सफलता पानी है तो इसे अपनाना होगा। लेकिन एआई के सही उपयोग पर ज्यादा जोर होना चाहिए। छात्रों के लिए यह दो धारी तलवार है। इसलिए एआई को समाज की समस्याओं के समाधान में लगाना जरूरी है।
छात्रों की ट्रेनिंग बेहद जरूरी
एचसीएल गुवी के फाउंडर एवं सीईओ अरूण प्रकाश ने विस्तार से कोर्स के बारे में बताया। कहा कि एआई आज के दौर की जरूरत है। छात्रों को पढ़ाई के साथ प्रोजेक्ट वर्क भी करना चाहिए। उन्होंने छात्रों के सवालों का जवाब भी दिया। बताया कि कंपनी का लक्ष्य 10 लाख छात्रों तक इस कोर्स को ले जाना है। डीन ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट प्रो0 अरूणिमा वर्मा ने कहा कि यह कोर्स एकेटीयू के छात्रों को बेहतर बनाने में मदद करेगा। छात्रों की ट्रेनिंग बेहद जरूरी है।
इस दौरान प्रतिकुलपति प्रो0 राजीव कुमार, एसो0 डीन इनोवेशन डॉ0 अनुज कुमार शर्मा, उप परीक्षा नियंत्रक नेहा श्रीवास्तव, प्रतिभा शुक्ला एवं एचसीएल ग्रुप की एसो0 डायरेक्टर जीयूवी कीर्ति कर्म चंदानी, अपूर्व जौहरी, अभिषेक अहलावत, सारांश सक्सेना, यश शर्मा सहित काफी संख्या में छात्र मौजूद रहे।