पतंजलि के घी की जांच रिपोर्ट चार साल बाद आने पर बृजभूषण शरण सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि खाद्य उत्पादों की जांच रिपोर्ट दो-चार घंटे में आनी चाहिए, न कि चार साल बाद। उन्होंने कहा कि लाखों लोगों की सेहत का सवाल है। अगर कोई चार साल से नकली या मिलावटी घी खा रहा है तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? कितने लोग बीमार पड़े, कितनों की जान गई, इसका जवाब कौन देगा?। उन्होंने कहा कि केवल पतंजलि ही नहीं बल्कि अन्य बड़े ब्रांडों की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। आज जो बड़े-बड़े ब्रांड हैं, जांच कर ली जाए, शायद ही कोई मानकों पर खरा उतरे।
दूध का दाम बढ़े, तो रुकेगा गांव से पलायन
पूर्व सांसद ने दावा किया कि अगर दूध और दुग्ध उत्पादों में मिलावट पर पूरी तरह रोक लग जाए तो गांव से पलायन रुक सकता है। उन्होंने कहा कि दूध का सही दाम मिलेगा तो किसान गाय-भैंस पालेंगे, गांव में रोजगार बढ़ेगा और लोग इज्जत से अपने घरों में रहेंगे। बेरोजगारी अपने आप खत्म होगी।