उत्तर प्रदेश वित्त निगम में असिस्टेंट मैनेजर के पद पर तैनात रहने के दौरान 37 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने वाले वांछित अभियुक्त अनिल कुमार खन्ना को सोमवार को नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से गिरफ्तार कर लिया गया। वह बीते 26 साल से फरार था और स्विटजरलैंड में पनाह लिए था। यूपी पुलिस के अनुरोध पर सीबीआई ने उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करते हुए इंटरपोल से मदद मांगी थी।
सीबीआई के ग्लोबल ऑपरेशंस सेंटर ने अनिल कुमार खन्ना को भारत वापस लाने के लिए इंटरपोल एनसीबी-बर्न एवं यूपी पुलिस के साथ समन्वय किया, जिसके बाद उसे एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया गया। उसके खिलाफ नोएडा के सूरजपुर पुलिस थाने में धारा 406, 420, 467, 468, 471, 120बी के तहत मुकदमा दर्ज है, जिसमें वह वांछित चल रहा था।
आरोप है कि उसने वर्ष 1998 में उप्र वित्त निगम (यूपीएफसी) में सहायक प्रबंधक के रूप में तैनात रहने के दौरान 37 लाख रुपये की धोखाधड़ी की थी। यूपी पुलिस के अनुरोध पर सीबीआई ने 12 जुलाई 2017 को इंटरपोल महासचिवालय से उसके विरुद्ध रेड नोटिस जारी करवाया था। आरोपी की लोकेशन एवं गिरफ्तारी के लिए सभी इंटरपोल सदस्य देशों को रेड कॉर्नर नोटिस भेजा गया था।