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UP : ठंड के साथ बढ़ेगा कोहरे का प्रकोप, 12 जिलों में रात का पारा 15 डिग्री से नीचे; जानें वजह

Wed, 05 Nov 2025 06:40 PM IST
आकाश द्विवेदी अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

Weather in UP: यूपी के मौसम में उतार-चढ़ाव जारी है। आने वाले दिनों में बादल और कोहरे की वजह से न्यूनतम और अधिकतम तापमान में गिरावट आएगी। 

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बढ़ती ठंड में गर्म कपड़ों में पुलिस लाइन रोड से गुजरतीं युवतियां। संवाद
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश में अब धीरे-धीरे रातें सर्द होनी शुरू हो गई हैं। बुधवार को प्रदेश भर में पूरब से पश्चिम तक के लगभग 12 जिलों में रात का पारा 15 डिग्री सेल्सियस के नीचे आ गया। बुधवार का प्रदेश भर में मौसम साफ रहा और दिन में गुनगुनी धूप खिली। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले तीन-चार दिनों में प्रदेश भर में रात के तापमान में 3 से 5 डिग्री तक की गिरावट आएगी। हालांकि दिन के अधिकतम तापमान में अभी कोई खास बदलाव का पूर्वानुमान नहीं है। वहीं पूर्वांचल और तराई के इलाकों में सुबह के वक्त धुंध और कोहरा छाए रहने की संभावना है।

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बुधवार को बाराबंकी, कानपुर शहर, इटावा, प्रयागराज, वाराणसी, अयोध्या, अमेठी, बरेली, मुजफ्फर नगर, मेरठ, बुलंदशहर में रात का न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस या इससे नीचे लुढ़क गया। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि अगले तीन-चार दिनों में प्रदेश भर में रात के पारे में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट के संकेत हैं। तराई व पूर्वांचल में सुबह के वक्त धुंध व कोहरे का असर भी दिखाई देगा।

माैसम में अचानक बदलाव नजर आया
दोपहर बाद माैसम में अचानक बदलाव नजर आया था। प्रदेश में सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के असर से दोपहर बाद बादलों की बादलों की आवाजाही रही। हालांकि, दोपहर तक अच्छी धूप खिली रही और दिन के तापमान में 0.4 डिग्री की मामूली बढ़त दर्ज हुई। अगले तीन-चार दिनों में राजधानी में रात के पारे में 3 से 4 डिग्री की गिरावट के संकेत हैं। तड़के सुबह धुंध व कोहरे का असर भी दिखाई दी। 
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बारिश ने की प्रदूषण कम करने में मदद 
वैज्ञानिकों के अनुसार, इस बार मानसून के दौरान अधिक वर्षा और नमी ने धूलकणों को नीचे बैठाने में मदद की। निर्माण कार्यों में कमी और यातायात में सुस्ती से भी वायु गुणवत्ता में सुधार हुआ है। सरकार की क्लीन एयर प्लान और स्वच्छ ईंधन नीति का असर भी दिखा। ईवी और सीएनजी बसों की संख्या बढ़ने के साथ मेट्रो और नए फ्लाईओवरों ने ट्रैफिक दबाव कम किया है।

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