सीसीटीवी कैमरे से देखा तो आग का पता चला
कारोबारी अजय के अनुसार शोर सुन उनकी आंख खुल गई। उन्होंने सीसीटीवी कैमरा देखा तो उनको तीसरी मंजिल पर बने किचन में भीषण आग नजर आई। आग देखते ही उन्होंने शोर मचाते हुए पूरे परिवार को जगाया और सभी को एकत्र किया। अजय ने मदद के लिए पुलिस कंट्रोल रूम को फोन किया।
तन्नू दूसरी मंजिल से कूदी, घायल
आगे से बचने की हड़बड़ाहट में अजय की नौकरानी तन्नू (20) दूसरी मंजिल से चादर के सहारे उतरने की कोशिश करने लगी पर वह नाकाम रही और फिर वह डर से कूद गई। दूसरी मंजिल से गिरने की वजह से उन्हें चोट लगी।
मदद के लिए चिल्ला रहे थे फंसे हुए लोग
आग की सूचना पर एफएसओ सरोजनीनगर धर्मपाल सिंह दो गाड़ियों के साथ मौके पर पहुंच गए। साथ ही आलमबाग फायर स्टेशन से भी दमकल की एक गाड़ी और हाइड्रोलिक मशीन को मौके पर भेजा गया। एफएसओ ने बताया कि आग में फंसे लोग अंदर से मदद के लिए चिल्ला रहे थे और काफी घबराए हुए थे। मौके पर पहुंची सरोजनीनगर पुलिस ने घायल तन्नू को अस्पताल पहुंचाया।
खिड़की के पास बुलाकर सांस लेने के लिए बताया गया
एफएसओ ने बताया कि दूसरे तल पर फंसे हुए लोगों को उन्होंने फौरन खिड़की के पास आकर सांस लेने और न घबराने की बात कही। इसके बाद सीढ़ी लगाकर लोगों को निकालने का काम शुरू किया गया। करीब 20 मिनट में अजय, उनकी पत्नी अनीता, बेटे विनायक, बेटी शीतल और छह वर्षीय नातिन विरानिका को दमकल कर्मियों ने रेस्क्यू किया।
बीए सेट पहनकर अंदर घुसे दमकलकर्मी कुत्ते को बचाया गया
दूसरे तल पर फंसे हुए लोगों को सकुशल निकालने के बाद दमकल कर्मियों ने आग बुझाने का काम शुरू किया। एक यूनिट को बीए सेट पहन कर ऊपर भेजा गया। इस दौरान पता चला कि कारोबारी का पालतू कुत्ता कमरे में फंसा है। दमकल कर्मियों ने किसी तरह कमरे का दरवाजा तोड़ा और कुत्ते को भी बचाया।
इसके बाद करीब ढाई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग को पूरी तरह से काबू में कर लिया गया। एफएसओ सरोजनीनगर धर्मपाल का कहना है कि शुरुआती जांच में इस बात का पता चला कि आग शार्ट सर्किट की वजह से लगी थी। कारोबारी का कहना है कि आग से एक करोड़ रुपये का सामान और घर में लगी लिफ्ट जल गई।