कार्यक्रम में पत्रिका का विमोचन करते वित्तमंत्री सुरेश खन्ना।
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उत्तर प्रदेश वाणिज्य कर अधिकारी सेवा संघ और उत्तर प्रदेश वाणिज्य कर अधिकारी संघ के द्विवार्षिक अधिवेशन का शुभारंभ उत्तरप्रदेश के वित्त और संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना द्वारा किया गया। इस अवसर पर संघ के अध्यक्ष दिव्येन्द्र शेखर गौतम और कपिलदेव तिवारी द्वारा मंत्री को मांग पत्र सौंपा गया। मांग पत्र में सबसे ज़्यादा फोकस कैडर प्रबंधन पर रहा। इसके अलावा समयबद्ध नियमानुसार स्थानान्तरण, ज़्यादा संख्या में मीटिंग और स्टेटमेंट के संबंध में माँग रखी गई।
अधिवेशन को संबोधित करते हुए वित्तमंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि वाणिज्य कर विभाग सरकार का महत्वपूर्ण विभाग है जो कि साठ प्रतिशत से अधिक राजस्व सरकार को देता है। उन्होंने कहा कि पूरी सत्यनिष्ठा से सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्य प्राप्त किये जाने चाहिए और इस क्रम में किसी भी व्यापारी का उत्पीड़न नहीं होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि व्यापारियों के प्रति हमे संवेदनशील होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि दो दिन के अधिवेशन में राजस्व बढ़ाने के उपायों पर विमर्श होगा। इस मौके पर सुरेश खन्ना ने कहा कि हम अधिकारियों के कैडर सहित अन्य मांगों पर विचार कर रहे हैं। अधिकारियो को निर्देश दिए जाएं कि अत्यधिक मीटिंग स्टेटमेंट ना करके अधिकारियों को राजस्व के काम मे लगाया जाए।
इस मौके पर संघ की पत्रिका समवेत का विमोचन किया गया। द्वितीय सत्र का शुभारंभ राज्य कर आयुक्त डॉ नितिन बंसल द्वारा किया गया। संघ द्वारा आयुक्त डॉ नितिन बंसल के समक्ष भी माँग पत्र रखा गया। आयुक्त डॉ नितिन बंसल ने अपने संबोधन में कहा कि टैक्स सिस्टम बहुत तेजी से बदल रहा है हमे उसी के अनुरुप स्वयं को ढालना होगा। राजस्व प्राप्ति के प्रयास करने होंगे। अगर हम बेहतर माहौल देंगे तो बेहतर व्यवसाय होगा और फिर निश्चित रूप से बेहतर राजस्व मिलेगा।
मंच संचालन शेफाली दीक्षित, जीशान अफ़ज़ल और कमल पांडेय ने किया। संघ के संरक्षक एस के गौतम ने सदस्यों को आशीर्वचन दिया। अंत मे महासचिव प्रदीप पटेल ने सभी आगंतुकों और सदस्यों का धन्यवाद ज्ञापित किया। कल अधिवेशन के दूसरे दिन नई कार्यकारिणी का गठन किया जाएगा