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यूपी: लड़कियों की फोटो से फर्जी आईडी बनाईं, वीडियो कॉल कराकर करोड़ों कमाए, तीन गिरफ्तार

Sun, 11 Oct 2026 07:59 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

आरोपी फर्जी आईडी बनाकर लड़कियों को लाइव होस्टिंग के काम पर लगाते थे। उन्हें हर महीने 12 से 15 हजार रुपये वेतन दिया जाता था। इन आईडी पर लड़कियां अपनी असली पहचान छिपाकर काम करती थीं।
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गिरफ्तार हुए आरोपी। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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दूसरे लोगों की फोटो लगाकर फर्जी आईडी बनाई। इन आईडी पर लड़कियों से लाइव होस्टिंग और वीडियो कॉल कराई। यूजर ने गिफ्ट में जो डिजिटल क्वाइन दिए, उनसे कमाई की और रकम बैंक खातों में मंगाई। ऑनलाइन वीडियो कॉलिंग और गेमिंग एप चैमेट के जरिये करोड़ों रुपये कमाने वाले गिरोह का एसटीएफ ने खुलासा किया है। टीम ने रविवार सुबह मथुरा से गिरोह के सरगना समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।

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एसटीएफ एएसपी विशाल विक्रम सिंह के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में प्रवीण कुमार उर्फ प्रकाश, विपिन कुमार और अर्जुन दिवाकर शामिल हैं। तीनों आरोपी मथुरा के रहने वाले हैं। पूछताछ में पता चला कि आरोपी फर्जी आईडी बनाकर लड़कियों को लाइव होस्टिंग के काम पर लगाते थे। उन्हें हर महीने 12 से 15 हजार रुपये वेतन दिया जाता था। इन आईडी पर लड़कियां अपनी असली पहचान छिपाकर काम करती थीं। वर्तमान में चैमेट एप चिलचैट नाम से पंजीकृत है।

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300 रुपये में मिलते थे 10 हजार क्वाइन
एसटीएफ की पूछताछ में प्रवीण ने बताया कि वर्ष 2023 में उसकी मुलाकात एक हैकर से हुई थी। उसी ने उसे चैमेट एप के बारे में जानकारी दी। आरोपी के मुताबिक एप पर करीब 300 रुपये में 10 हजार डिजिटल क्वाइन मिलते थे। यूजर लाइव होस्टिंग करने वाली लड़कियों को पसंद आने पर क्वाइन गिफ्ट करते थे। गिफ्ट में मिले क्वाइन का 50 प्रतिशत होस्ट और 50 प्रतिशत कंपनी को मिलता था। वीडियो कॉलिंग से होने वाली कमाई में 60 प्रतिशत होस्ट और 40 प्रतिशत कंपनी का हिस्सा होता था।

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विदेशी कंपनी से खातों में आती थी रकम

जांच में सामने आया कि आरोपियों ने अपने और गिरोह के अन्य सदस्यों के बैंक खाते एप से जोड़ रखे थे। इन खातों में फुलियाओ हांगकांग लिमिटेड नाम की विदेशी कंपनी से कमीशन की रकम आती थी। क्वाइन की रकम डॉलर के रूप में दिखाई देती थी। इसके बाद उसे एरटेल पे या एमपे जैसे भुगतान एप के जरिये बैंक खातों में स्थानांतरित किया जाता था। पुलिस का दावा है कि गिरोह ने एप के माध्यम से करोड़ों रुपये की अवैध कमाई की। अर्जुन दिवाकर ने पूछताछ में बताया कि उसने वर्ष 2023 में यूट्यूब पर चैमेट के बारे में देखा था। इसके बाद उसने मथुरा के मोतीकुंज में कार्यालय किराये पर लेकर लड़कियों को काम पर रखना शुरू किया।

सात मोबाइल और 58 स्क्रीनशॉट बरामद
एसटीएफ ने आरोपियों के पास से सात मोबाइल फोन, एक सीपीयू, तीन चेकबुक, एक पासबुक, आधार कार्ड, तीन डेबिट कार्ड, 58 स्क्रीनशॉट के प्रिंटआउट और एक फोर्ड कार बरामद की है। आरोपियों के खिलाफ आईटी एक्ट और ऑनलाइन गेमिंग कानून के तहत केस दर्ज कराया गया है। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी। एसटीएफ गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है।
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