एटीएस की जांच में सामने आया है कि यह गिरोह द्वारा बनाए गए फर्जी आधार कार्ड के जरिये पासपोर्ट बनवाने वालों में बांग्लादेशी, रोहिंग्या, नेपाली नागरिकों के साथ पाकिस्तानी नागरिक भी शामिल हैं। फर्जी आधार कार्ड बनाने के लिए यह गिरोह 2 हजार रुपये से लेकर 40 हजार रुपये तक वसूलता था। फर्जी आधार के जरिये पासपोर्ट, अन्य सरकारी दस्तावेज और सरकारी योजनाओं का लाभ लिया जा रहा था। इस गिरोह के गिरफ्तार सदस्यों के पास से डीएम से लेकर लेखपाल तक के फर्जी स्टांप आदि बरामद किए गए हैं। एटीएस के इस खुलासे के बाद केंद्रीय खुफिया एजेंसियां और संबंधित राज्यों की पुलिस भी सतर्क हो गई है और तमाम जगहों पर लगातार छापे मारे जा रहे हैं।