मंडी परिषद 1 फरवरी से प्रदेश की सभी मंडियों में टैक्स संबंधी गतिविधियां ऑनलाइन करने जा रही है। आवक व बिक्री पर्ची और मंडी शुल्क ऑफलाइन वसूलने पर पाबंदी होगी। कई मंडियों में इस व्यवस्था का ट्रायल भी शुरू कर दिया गया है। प्रदेश सरकार ने मंडियों में कारोबार सुगम बनाने के लिए मंडी शुल्क 2 प्रतिशत से घटाकर 1 प्रतिशत कर दिया है। इसके साथ ही मंडियों के भीतर व्याप्त भ्रष्टाचार समाप्त करने के लिए समुचित कदम उठाने के भी निर्देश दिए हैं।
इसी के तहत फॉर्म-6 आर, फॉर्म-9 आर और फॉर्म-7 आर समेत शुल्क वसूली संबंधी सभी गतिविधियां ऑनलाइन की जा रही हैं। ये फॉर्म आवक पर्ची व ट्रांजिट शुल्क और मंडी शुल्क की अदायगी के लिए भरे जाते हैं। इसके लिए व्यापारियों को प्रशिक्षित भी किया जा रहा है, ताकि ऑनलाइन फॉर्म भरने में उन्हें कोई दिक्कत न आए। मंडी निदेशक जेपी सिंह ने बताया कि नई व्यवस्था हम 1 फरवरी से अनिवार्य रूप से लागू कर देंगे। मंडी की कोई भी गतिविधि उसके बाद ऑफलाइन नहीं रहेगी। इसे ई-मंडी परियोजना नाम दिया गया है।