एक लाख रुपये के इनामी कुख्यात ज्ञानचंद पासी को बुधवार शाम रामनगर क्षेत्र के लहाड़रा मोड़ के पास एसटीएफ ने मुठभेड़ में मार गिराया। उसके दो साथी मौके से भाग निकले। जिला अस्पताल के इमरजेंसी मेडिकल अफसर डॉ. विनायक के अनुसार ज्ञानचंद को तीन गोलियां लगी थीं। एक सिर में, दूसरी सीने के बाईं ओर और तीसरी दाहिनी जांघ पर। सिर में गोली लगने से उसकी मौत हो गई।
ज्ञानचंद गोंडा जिले के परसपुर क्षेत्र के राजपुर गांव का निवासी था। उस पर हत्या, डकैती व लूट के 70 मुकदमे दर्ज थे। इनमें एक मुकदमा बाराबंकी जिले के बाकी गोंडा का भी है। एसटीएफ के अनुसार मंगलवार देर शाम सूचना मिली थी कि ज्ञानचंद रामनगर में छिपा है। डिप्टी एसपी धर्मेश कुमार शाही के नेतृत्व में एसटीएफ ने चौकाघाट क्षेत्र में घेराबंदी की। लहाड़रा मोड़ के पास जंगल में खुद को घिरा देख ज्ञानचंद ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
एसटीएफ के एक दरोगा ने बताया कि ज्ञानचंद के दो साथी मौके से भाग निकले। आशंका है कि सभी बदमाश किसी बड़ी वारदात के लिए रामनगर में एकत्र हुए थे। 24 अप्रैल की रात गोंडा में हुई डकैती में गृहस्वामी की गोली मारकर हत्या करने वाले गिरोह में ज्ञानचंद भी शामिल था।