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यूपी : मांगें पूरी न होने पर कर्मचारी शिक्षक संयुक्त मोर्चा करेगा आंदोलन

Thu, 26 Aug 2021 06:09 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ

सार

यूपी सरकार वेतन समिति की रिपोर्ट पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक कर सार्थक निर्णय नहीं करा रही है। सिंचाई, नगर निकाय, विकास प्राधिकरण, राजकीय निगमों के कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग का पूरा लाभ नहीं मिल पाया है।
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विस्तार
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मांगें पूरी नहीं होने पर कर्मचारी शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने आंदोलन की रणनीति बनाई है। इसके पहले मोर्चा पदाधिकारी जिला स्तरीय पदाधिकारी 20 से 30 सितंबर तक विधायकों, विधान परिषद सदस्यों को ज्ञापन देंगे। यह जानकारी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष वीपी मिश्रा व महामंत्री शशि कुमार मिश्रा ने बुधवार को नगर निगम में मीडियाकर्मियों को दी।

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शशि कुमार मिश्रा ने बताया कि सीएचसी, पीएचसी ब्लॉक से मुख्यालय तक आम सभाएं करके जनता को बताया जाएगा कि कोविड-19 में महामारी में कर्मचारियों ने जान की बाजी लगाकर जनता की सेवा की है। वहीं, यूपी सरकार वेतन समिति की रिपोर्ट पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक कर सार्थक निर्णय नहीं करा रही है। सिंचाई, नगर निकाय, विकास प्राधिकरण, राजकीय निगमों के कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग का पूरा लाभ नहीं मिल पाया है। सेवा नियमावली के लंबित होने से पदोन्नतियां नहीं हो पा रही हैं।

बैठक में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष सुरेश कुमार रावत, वरिष्ठ उपाध्यक्ष गिरीश मिश्र, महामंत्री अतुल मिश्रा, राज्य निगम महासंघ के अध्यक्ष मनोज कुमार मिश्र, महामंत्री घनश्याम यादव, स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष शशि कुमार मिश्र, विकास प्राधिकरण कर्मचारी संयुक्त संगठन के अध्यक्ष अवधेश सिंह, माध्यमिक शिक्षक संघ के महामंत्री नंदकुमार मिश्र, फेडरेशन ऑफ फार्मासिस्ट के सुनील कुमार यादव, फेडरेशन ऑफ फॉरेस्ट के महामंत्री आशीष पांडे, राजकीय शिक्षक संघ के केदारनाथ तिवारी, माध्यमिक शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ के अध्यक्ष विनोद कुमार विश्वकर्मा, सिंचाई कार्मिक महासंघ के अध्यक्ष प्रेमानंद चतुर्वेदी आदि शामिल थे।
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यह हैं मुख्य मांगे
एक माह में भत्तों की कटौती वापस करने और फ्रीज डीए के एरियर का भुगतान करने, रिक्त पदों पर भर्ती एवं पदोन्नतियां करने, रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद की मांगों पर निर्णय लेने, स्थानीय निकाय कर्मचारी संवर्ग को राज्य कर्मचारियों की भांति संवर्ग का पुनर्गठन करके समान वेतनमान देने, दिसंबर 2001 तक के दैनिक कर्मचारियों को विनियमित करने, विकास प्राधिकरण में कर्मचारियों के विनियमित करने, राजकीय शिक्षकों को राज्य कर्मचारियों की तरह एसीपी का लाभ देने समेत कई मांगे हैं।

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