पीलीभीत तथा आसपास के जिलों में तिकुनिया प्रकरण के बाद जिस तरह से सिखों ने नाराजगी दिखाई थी, बसपा उसमें से चुनावी मार्ग ढूंढ रही है। हालांकि सभी दलों की निगाह उस तरफ है लेकिन बसपा वहां के सहारे यहां चुनावी दांव मारने की फिराक में है।
पंजाब विधानसभा चुनाव के मद्देनजर बसपा ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसके तहत तीन दिन का अभियान शुरू किया गया है जिसके तहत पार्टी महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा ने पंजाब पहुंचकर बैठकें शुरू कर दीं हैं। वहां से आकर उप्र में ब्राह्मण सम्मेलनों को आगे बढ़ाया जाएगा। पंजाब की बैठकों में यूपी चुनाव पर भी मंथन होगा।
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पंजाब में बसपा शिरोमणि अकाली दल के साथ मिलकर विधानसभा के चुनावी रण में उतरी है। वहां की कुल 117 सीटों में से 97 अकाली जबकि 20 बसपा को मिली हैं। इन सीटों पर ताकत झोंकने के लिए बसपा ने अभियान शुरू किया है। सोमवार को पार्टी महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा वहां पहुंच गए और बैठक की। दरअसल 14 दिसंबर को पंजाब के मोगा जिले में शिरोमणि अकाली दल के स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्य कार्यक्रम होगा जिसमें सतीश शिरकत करेंगे।
कार्यक्रम के बाद पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ,सुखबीर सिंह बादल एवं हरसिमरत कौर बादल के साथ बैठक में विधानसभा चुनाव की रूपरेखा तैयार की जाएगी। इसके बाद 15 दिसंबर को चंडीगढ़ में सतीश पंजाब बसपा पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगे तथा बसपा और शिरोमणि अकाली दल गठबंधन के सभी विधानसभा प्रत्याशियों व अन्य नेताओं के साथ समीक्षा बैठक करेंगे।
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पंजाब का यूपी कनेक्शन
इस तीन दिन का अभियान पंजाब का चुनाव तो ही है पर साथ साथ यूपी के चुनाव की रणनीति भी तैयार करना है। खास तौर से पीलीभीत तथा आसपास के जिलों में तिकुनिया प्रकरण के बाद जिस तरह से सिखों ने नाराजगी दिखाई थी, बसपा उसमें से चुनावी मार्ग ढूंढ रही है। हालांकि सभी दलों की निगाह उस तरफ है लेकिन बसपा वहां के सहारे यहां चुनावी दांव मारने की फिराक में है। इस बाबत इस क्षेत्र में भी लगातार संपर्क साधा जा रहा है।
तीन दिन बाद यूपी का नया चरण शुरू
यूपी की 21 सीटों पर दलित ब्राह्मण समीकरण साधने के लिए मिश्रा सम्मेलन कर चुके हैं। पंजाब से आने के बाद नए सिरे से नई सीटों पर सम्मेलन की शुरुआत होगी। बसपा का मानना है कि दलित ब्राह्मण समीकरण यदि इस चुनाव में सध गया तो पार्टी को इसका बड़ा फायदा हो सकता है।