प्रदेश में इस साल का विधानसभा चुनाव कई मायनों में पहले से अलग है। पिछले चार विधानसभा चुनावों के मुकाबले इस बार सबसे कम प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। पहले जहां दर्जनों सीट पर 35-35 उम्मीदवार हुआ करते थे। वहीं, इस बार ऐसी सीटें घट कर महज चार हो गई हैं।
विधानसभा चुनाव-2022 में कुल 4441 प्रत्याशी मैदान में हैं। इस बार सिर्फ चार सीटें ही ऐसी हैं, जहां 15 से अधिक प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। यानी सिर्फ इन चार सीटों पर ही दो बैलेट यूनिट का इस्तेमाल होगा। इनमें जौनपुर सदर और प्रयागराज की प्रतापपुर सीट पर 25-25, प्रयागराज की फाफामऊ सीट पर 21 और कौशांबी की सिराथू सीट पर 18 प्रत्याशी हैं। जबकि वर्ष 2017 के चुनाव में ऐसी सीटों की संख्या 37 थी। वहीं, वर्ष 2012 में ऐसी सीटों की संख्या 227 थी, जहां 15 से अधिक प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे।
जहां तक सबसे कम प्रत्याशियों वाली सीटों का सवाल है तो इसमें मैनपुरी की करहल सीट पर सिर्फ तीन उम्मीदवार मैदान में हैं। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव यहां से चुनाव लड़ रहे हैं। मैनपुरी सीट पर चार और अलीगढ़ की इगलास सीट पर पांच प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। जबकि वर्ष 2017 में बाराबंकी की हैदरगढ़ सुरक्षित सीट पर तीन और अमरोहा की धनौरा सीट पर चार प्रत्याशी मैदान में थे।
वर्ष 2017 के चुनाव में सबसे अधिक 26 प्रत्याशी आगरा दक्षिण सीट पर थे। वर्ष 2012 में कानपुर की गोविंद नगर सीट पर 34 प्रत्याशी थे। यहां तीन बैलेट यूनिट का इस्तेमाल करना पड़ा था। वहीं, 2007 के चुनाव में लखनऊ की महोना सीट (अब बख्शी का तालाब) से 35 उम्मीदवार मैदान में थे।