समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर एक अहम रणनीति तैयार की है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, अब अखिलेश यादव संबंधित विधानसभा क्षेत्र में टिकट फाइनल होने के बाद ही चुनावी रैलियां करेंगे। इसका मुख्य उद्देश्य पार्टी के भीतर आंतरिक विरोध और असंतोष को न्यूनतम स्तर पर रखना है।
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अब तक यह देखा गया है कि जब पार्टी किसी सीट पर बिना उम्मीदवार की घोषणा किए रैलियां करती थी, तो जिन स्थानीय दावेदारों को टिकट नहीं मिल पाता था, पर वे रैली में अपने संसाधन टिकट की उम्मीद में लगाते थे, बाद में वे अक्सर नाराज होकर भीतरघात करने लगते थे। इस अंदरूनी कलह और भितरघात से पार्टी को कई बार नुकसान उठाना पड़ता था।
इसी स्थिति से सबक लेते हुए सपा नेतृत्व ने यह स्पष्ट निर्देश तय किए हैं कि टिकट वितरण की प्रक्रिया पूरी होने और उम्मीदवार के नाम पर मुहर लगने के बाद ही उस क्षेत्र में शीर्ष नेतृत्व का चुनावी दौरा या जनसभा आयोजित होगी।