ओमप्रकाश राजभर कैबिनेट मंत्री व सजातीय विरोधी अनिल राजभर के खिलाफ चुनाव मैदान में ताल ठोक रहे थे। सूत्रों का कहना है कि ओमप्रकाश इस बात को लेकर पशोपेश में थे कि शिवपुर सीट एक तो उनके लिए नई होगी और दूसरा जातीय समीकरण के लिए लिहाज से यह सीट उनके लिए मुफीद नहीं लग रही थी।
सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने आखिरकार वाराणसी की शिवपुर सीट से चुनाव लड़ने से मना कर दिया है। वह अब अपनी ही सीट जहूराबाद से चुनाव मैदान में उतरेंगे। जबकि शिवपुर सीट पर उन्होंने पुत्र अरविंद राजभर पर दांव पर लगाया है। इसकी घोषणा राजभर ने सोमवार को जारी सूची में किया है।
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इससे पहले ओमप्रकाश राजभर कैबिनेट मंत्री व सजातीय विरोधी अनिल राजभर के खिलाफ चुनाव मैदान में ताल ठोक रहे थे, लेकिन अब उन्होंने जहूराबाद से चुनाव लड़ने की घोषणा की है। सूत्रों का कहना है कि ओमप्रकाश इस बात को लेकर पशोपेश में थे कि शिवपुर सीट एक तो उनके लिए नई होगी और दूसरा जातीय समीकरण के लिए लिहाज से यह सीट उनके लिए मुफीद नहीं लग रही थी। ऐसे में अगर चुनाव परिणाम उनके पक्ष में नहीं रहा तो जहां बतौर पार्टी अध्यक्ष उनकी किरकिरी होगी, वहीं सपा अध्यक्ष की नजर में भी उनका दबदबा प्रभावित होगा। लिहाजा उन्होंने जहूराबाद सीट को अपने लिए सबसे सुरक्षित मानते हुए वहीं से चुनाव लड़ने का फैसला किया है।
चूंकि ओमप्रकाश पहले से ही शिवपुर सीट पर दावा कर चुके थे, इसलिए सपा ने यह सीट उनके लिए छोड़ दी है। लिहाजा उन्होंने अपने बेटे व पार्टी के महासचिव अरविंद राजभर पर दांव लगाया है। उनके इस रणनीति को लेकर कहा जा रहा है कि अगर चुनाव परिणाम पक्ष में रहा तो उनकी पार्टी का सपा पर दबाव बढ़ेगा।