भाजपा ने विधानसभा चुनाव-2022 का लोक कल्याण संकल्प पत्र जारी करते हुए विरासत से विकास तक सरोकारों को साधा है। सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के प्रतीकों के जरिये पिछड़े और दलित वोट बैंक को साधने की कोशिश की है। वहीं निवेश और आधारभूत विकास के जरिये युवाओं की उम्मीद भी जगाई है। प्राकृतिक खेती के जरिये नदियों की पवित्रता को सहेजने का संकल्प लिया है। वहीं कबीर की वाणी से लेकर ब्रज और अवधि भाषा के संरक्षण के साथ क्षेत्रीय संतुलन बनाने की भी कोशिश की है।
भाजपा ने संकल्प पत्र जरिये साफ कर दिया है कि वह राष्ट्रवाद के साथ सुशासन और विकास के जरिये ही यूपी को देश का नंबर वन प्रदेश बनाने का रोडमैप तैयार कर रही है। पांच साल में दस लाख करोड़ का निवेश लाकर लाखों युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार उपलब्ध क राकर प्रदेश की युवा ऊर्जा का प्रदेश में ही उपयोग कर पलायन रोकने का संदेश दिया है।
वहीं कृषि, चिकित्सा, शिक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाकर यूपी को देश की नंबर एक अर्थव्यवस्था वाला प्रदेश बनाने की राह दिखाई है। निषादराज, रानी लक्ष्मीबाई, स्वामी विवेकानंद, महर्षि सुश्रुत जैसे महापुरुषों के नाम से योजनाओं को संकल्प पत्र में शामिल कर सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के एजेंडे को आगे बढ़ाया है।
वहीं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के नाम से भी योजनाएं लागू करने की बात कर अपने बुजुर्गों को सम्मान देने और कोतवाल धन सिंह गुर्जर और जनरल विपिन रावत डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का जिक्र कर देशभक्तों को सम्मान देने का संदेश दिया है।